45°C के बीच वाराणसी में ‘ठंडी राहत’ का इंतज़ाम, क्या आपने देखा ये सुविधा?
वाराणसी में भीषण गर्मी और लू से राहत देने के लिए नगर निगम ने व्यापक प्रबंध किए हैं। 24 स्थानों पर मुफ्त प्याऊ, 42 टैंकरों से जल आपूर्ति, 5 कूलिंग सेंटर, स्प्रिंकलर और मिस्ट सिस्टम के जरिए तापमान नियंत्रित किया जा रहा है। साथ ही एलईडी स्क्रीन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
वाराणसी : भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे आमजन को राहत पहुंचाने के प्रयास में नगर निगम जुटा हुआ है। बढ़ते तापमान को देखते हुए हीटवेव (लू) के प्रभाव को कम करने निगम शहर भर में विशेष प्रबंध किया है। इस क्रम में सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की निर्बाध आपूर्ति से लेकर छायादार आश्रय स्थलों के निर्माण, पांच स्थाेनों पर कूलिंग सेंटर सहित कई ठोस कदम उठाए गए हैं, ताकि आम जनता सुरक्षित रहे।
नगर निगम की ओर से शहर के मुख्य चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर 24 स्थानों पर निशुल्क प्याऊ शुरू किए गए हैं, जो राहगीरों के लिए बड़ी राहत बने हैं। पेयजल की समस्या का त्वरित समाधान करने के लिए निगम ने एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को सक्रिय किया है, जो पूरे तंत्र की निगरानी कर रहा है। इसके साथ ही, भीड़भाड़ वाले और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर कुल 42 टैंकरों के माध्यम से शीतल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। तपती सड़कों और बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने की कवायद में निगम ने विशेष तकनीक अपनाई है।
शहर की मुख्य सड़कों पर नौ वॉटर स्प्रिंकलर मशीनों को तैनात किया गया है, जो नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर रहे हैं। साथ ही, धुंध पैदा करने वाले मिस्ट प्यूरीफिकेशन वाहनों के जरिए गोधौलिया से दशाश्वमेध मार्ग तक छिड़काव किया जा रहा है। शहर के प्रमुख घाटों पर भी यात्रियों की सुविधा के लिए छायादार टेंट और हरे पर्दे का शेड स्ट्रक्चर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक भीषण धूप से बच सकें। जागरूकता के मोर्चे पर भी निगम सक्रिय है। अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत स्थापित 13 प्रमुख चौराहों और अन्य 14 सार्वजनिक स्थानों पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से हीटवेव से बचाव के आवश्यक टिप्स प्रसारित किए जा रहे हैं।
साथ ही 56 चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। इसके अलावा प्रचार वाहनों का भी इस्ते माल किया जा रहा है। भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए निगम ने 21 सफाई कार्यालयों में ओआरएस (ओआरएस) कॉर्नर भी बनाए हैं, जहां आम नागरिकों को ओआरएस और प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता निःशुल्क मिल रही है। शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर अस्थायी शेड का निर्माण कर उन्हें कूलिंग सेंटर्स के रूप में विकसित किया गया है, जहां पंखे और कूलर की भी मुकम्मल व्यवस्था की गई है।
कमांड सेंटर से हो रही पेयजल आपूर्ति की निगरानी
पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की है, जहां से शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की उपलब्धता पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
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