बाबा विश्वनाथ मंदिर से हुई शुरुआत, जानिए क्यों खास है इस बार की जनगणना
वाराणसी में देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के तहत मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य शुरू हो गया है। बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर से शुरू हुए इस अभियान में 5800 प्रशिक्षित प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जिले को 14 चार्ज क्षेत्रों में बांटा गया है और 20 जून तक हर घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नागरिकों से सही जानकारी देकर जनगणना अभियान को सफल बनाने की अपील की है।
वाराणसी: देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के तहत प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य का शुभारंभ शुक्रवार से वाराणसी में किया गया। काशी में इस अभियान की शुरुआत सहायक नगर आयुक्त मृत्युंजय नारायण मिश्रा के नेतृत्व में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से हुई। अब प्रशिक्षित प्रगणक (एन्यूमरेटर) घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।
इस बार की जनगणना पूरी तरह हाई-टेक और डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। पूरी प्रक्रिया मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए की जा रही है, जिससे आंकड़ों की सटीकता, पारदर्शिता और त्वरित संकलन सुनिश्चित हो सके। प्रगणक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान और उससे जुड़ी संपत्तियों के संबंध में 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज कर रहे हैं।
जनगणना कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पूरे जिले को 14 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इनमें तहसीलें, नगर निगम के आठों जोन, नगर पंचायतें, कैंटोनमेंट बोर्ड तथा बरेका जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। यह व्यापक अभियान 20 जून तक चलेगा, जिसके अंतर्गत वाराणसी जिले के प्रत्येक घर का सूचीकरण किया जाएगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि जिले की 40 लाख से अधिक आबादी की गणना के लिए करीब 5800 प्रगणकों को प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है। सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में निष्पक्षता और गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए उन्हें ड्यूटी कार्ड, जनगणना किट तथा संबंधित क्षेत्र के नक्शे भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जब प्रगणक और सुपरवाइजर उनके घर पहुंचे, तो सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि “हमारी जनगणना-हमारा विकास” और “सही जनगणना-सशक्त भारत” के मूल मंत्र के साथ काशी को जनगणना-2027 में अग्रणी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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