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टीम वर्क से मिली कोरोना पर जीत, सबका आभार: सीएम योगी

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अभूतपूर्व एकजुटता ,स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्कर, समाजसेवी संस्थाओं के अलावा जनप्रतिनिधियों के प्रति सीएम ने जताया आभार , कोरोना संक्रमण की चेन टूटती रही और रोजगार के साथ-साथ विकास की कड़‍ियां जुड़ती रहीं ,विश्व स्वास्थ्य संगठन को हमारे प्रयासों की सराहना की .

लखनऊ : वैश्‍विक महामारी कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में समाज के हर तबके से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी के प्रति आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस विभीषिका के बीच स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित समाज के हर वर्ग से सहयोग मिला। जनप्रतिनिधियों ने स्वेच्छा से हर तरह की मदद दी। यह एकजुटता अभूतपूर्व थी। इस एकजुट प्रयास के कारण आज उत्तर प्रदेश की नीतियों की सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कर रहा है।

बुधवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कोरोनाकाल की चुनौतियों पर विस्तार से बात रखी। सीएम ने कहा कि कोविड-19 के शुरुआत के समय राज्य में कोरोना जांच की सुविधाओं का अभाव था। 23 मार्च, 2020 को केजीएमयू की बीएसएल लैब में कोविड-19 की जांच प्रारम्भ होने पर एक दिन में मात्र 72 टेस्ट हो सके थे। लेकिन सतत प्रयासों से टेस्टिंग व्यवस्था को निरन्तर सुदृढ़ करते हुए प्रदेश में अब तक 03 करोड़ से अधिक सैम्पल की जांच हो चुकी है। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि कोरोना कालखंड में सैनिटाइजर की काफी मांग बढ़ी थी, जिससे बाजार में इसके दाम काफी ज्यादा थे। प्रदेश सरकार द्वारा चीनी मिलों को सैनिटाइजर बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसका परिणाम है कि सैनिटाइजर के दामों में काफी कमी आई और कोरोना कालखंड में प्रदेश सरकार द्वारा 27 राज्यों को सैनिटाइजर निर्यात किया गया।

थमा नहीं विकास का पहिया: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के आलोक में कोरोना संक्रमण की चेन टूटती रही और रोजगार के साथ-साथ विकास की कड़‍ियां जुड़ती रहीं। सीएम ने बताया कि प्रदेश सराकर ने कोरोना से निपटने के लिए मंत्री समूह के साथ टीम-11 गठित की। मौत एक भी बुरी होती है, लेकिन यूपी में मौत के आंकड़ों में बड़ी कमी आई है।

प्रदेश सरकार ने रखा हर वर्ग का ख्‍याल:

कोरोना काल के दौरान प्रदेश सरकार ने प्रदेश के श्रमिकों व कामगारों, ठेला, खोमचा, रेहड़ी लगाने वाले या दैनिक कार्य करने वाले सभी लोगों को भरण-पोषण दिया गया। इसके साथ ही निर्माण श्रमिकों को भी भरण-पोषण भत्ता देने का कार्य किया गया है। महत्वपूर्ण धन की राशि नहीं भावना है। उन्‍होंने कहा कि पुलिस का एक नया चेहरा सबके सामने आया। डोर स्टेप डिलीवरी की पुलिस कर्मियों ने पीआरवी 112 की भूमिका सराहनीय रही। कोरोना के दौरान प्रदेश सरकार की तरफ से गरीबों व मजदूरों को राहत पैकेज दिया। मुख्यमंत्री योगी ने सदन को अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में इस समय करीब 2000 कोरोना के मामले सक्रिय हैं। अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या 500 है और उत्तर प्रदेश का कोरोना रिकवरी रेट सबसे ज्यादा है।

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