62 साल से अटूट था यह रिकॉर्ड, 10 जून को मोदी रचेंगे नया इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे। वे देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा करेंगे। वर्ष 2014, 2019 और 2024 में लगातार जनादेश प्राप्त करने वाले मोदी भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ेंगे। यह उपलब्धि लोकतांत्रिक जनसमर्थन और स्थिर नेतृत्व का प्रतीक मानी जा रही है।
नई दिल्ली : भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 10 जून 2026 का दिन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। इसके साथ ही वे देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के छह दशक पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर तीसरी बार देश की बागडोर संभाली। 10 जून 2026 को उनके प्रधानमंत्री पद पर लगातार 4,399 दिन पूरे हो जाएंगे, जो स्वतंत्र भारत में किसी भी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री का सबसे लंबा निरंतर कार्यकाल होगा।
अब तक यह रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था। नेहरू ने भारत के प्रथम आम चुनाव (1951-52) के बाद 13 मई 1952 से लेकर 27 मई 1964 तक लगातार प्रधानमंत्री पद संभाला था। उनका निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 4,398 दिनों का रहा। मोदी 10 जून को इस आंकड़े को पार कर नया इतिहास रचेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में लगातार तीन आम चुनावों में जनता से मिले जनादेश का भी प्रतीक है। मोदी स्वतंत्र भारत के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिन्हें लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला। इससे पहले यह उपलब्धि केवल जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज थी।
प्रधानमंत्री मोदी के नाम पहले से ही कई राजनीतिक उपलब्धियां दर्ज हैं। वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं। मार्च 2026 में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने संयुक्त कार्यकाल के आधार पर भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित सरकार के प्रमुख रहने का रिकॉर्ड भी बनाया था।
वर्ष 2014 से अब तक मोदी सरकार के कार्यकाल में आधारभूत संरचना, डिजिटल इंडिया, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, जी-20 की अध्यक्षता, वैश्विक कूटनीति, रक्षा आधुनिकीकरण तथा कल्याणकारी योजनाओं जैसे अनेक क्षेत्रों में बड़े फैसले और पहल देखने को मिली हैं। समर्थकों के अनुसार लगातार जनादेश और स्थिर नेतृत्व ने इस रिकॉर्ड की नींव रखी है, जबकि आलोचक इसे लोकतांत्रिक विमर्श के संदर्भ में अलग दृष्टिकोण से देखते हैं।
10 जून को जब प्रधानमंत्री मोदी 4,399 दिनों का आंकड़ा पार करेंगे, तब भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। छह दशक से अधिक समय तक कायम रहा नेहरू का रिकॉर्ड इतिहास के पन्नों में दर्ज रहेगा, जबकि मोदी स्वतंत्र भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया मानदंड स्थापित करेंगे।
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