CrimeState

मालवीय नगर अग्निकांड: दिल्ली के लेमन ग्रीन होटल-रेस्तरां में भीषण आग, 20 की मौत

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन होटल-रेस्तरां में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में भवन निर्माण नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर शोक व्यक्त किया है। मामले की जांच जारी है।

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट एवं गेस्ट हाउस परिसर में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया। इस दर्दनाक घटना में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों में अधिकांश अफ्रीकी मूल के नागरिक बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, मालवीय नगर स्थित ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ में बुधवार सुबह लगभग नौ बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) की सात दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में दस अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया।

बेसमेंट में फंसे लोग, ताला तोड़कर किया गया बचाव

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, इमारत का बेसमेंट बाहर से बंद था, जिसके कारण कई लोग अंदर फंस गए। दमकल कर्मियों ने ताला तोड़कर लोगों को बाहर निकाला। जान बचाने के लिए कुछ लोगों को खिड़कियों से छलांग लगाने पर भी मजबूर होना पड़ा।

दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह लगभग 9:45 बजे तक बेसमेंट से तीन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। इसके बाद राहत एवं बचाव अभियान को तेज करते हुए पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों की सहायता से 25 अन्य लोगों को भी बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। दोपहर तक दो और लोगों को बचाया गया, जिससे कुल बचाए गए लोगों की संख्या 27 हो गई।

भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन की आशंका

घटना के बाद प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताओं की आशंका सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, लेमन ग्रीन परिसर को केवल छह कमरों के निर्माण की अनुमति मिली थी, जबकि वहां लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। इस खुलासे ने भवन निर्माण मानकों, सुरक्षा व्यवस्था तथा नियामकीय निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

स्थानीय भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्य है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि होटल या रेस्टोरेंट आवश्यक लाइसेंस के बिना संचालित किया जा रहा था अथवा किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई थी, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना के बाद स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को मौके पर तैनात किया गया। बचाव कार्य में बाधा न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर क्षेत्र को घेर लिया गया तथा आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी आग का कारण हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया शोक

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त की संवेदना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मालवीय नगर अग्निकांड पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना अत्यंत दुखद है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए सहायता राशि की घोषणा भी की गई है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राजधानी में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, गेस्ट हाउसों और रेस्टोरेंटों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भवन में पर्याप्त आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता था।

फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और प्रशासन घटना की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है। पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।

जो कभी उपेक्षा का शिकार था, वही अब बनेगा गोरखपुर की नई शान

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button