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पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी वीजा सेवाएं बंद

पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन.

नयी दिल्ली : सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति द्वारा लिए गए निर्णयों के क्रम में पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला किया है।विदेश मंत्रालय ने आज यहां बताया कि भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल से रद्द कर दिए गए हैं।

हालांकि, पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल तक वैध होंगे। वर्तमान में भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को संशोधित समयसीमा के हिसाब से वीजा की समाप्ति से पहले भारत छोड़ना होगा।विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। पाकिस्तान में मौजूद भारतीय नागरिकों को भी जल्द से जल्द भारत लौटने की सलाह दी जाती है।

पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए भीषण आतंकवादी हमले के विरोध में गुरुवार को ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए सैकड़ों लोग यहां चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पहलगाम हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता साबित हुई है।गौरतलब है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने दो दिन पहले पहलगाम के खूबसूरत बैसरन मैदान में 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।आतंकवाद विरोधी कार्रवाई मंच की ओर से आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई स्थानीय नेता शामिल हुए। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।

इस दौरान पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाते हुए और ‘पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है’ लिखी तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार से पाकिस्तान के साथ सभी संबंध तोड़ने और पाकिस्तान को ‘आतंकवाद प्रायोजित देश’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया। हाथों में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज थामे प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को प्रायोजित करने का आरोप भी लगाया।एक प्रदर्शनकारी ने कहा,“हम यहां अपना विरोध दर्ज कराने आए हैं, जो कुछ (पहलगाम में) हुआ वह सही नहीं था। यह पूरी तरह से मानवता के खिलाफ था, और इसलिए हम यहां हैं।

भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंधों कमी लाते हुए घोषणा की कि वह सिंधु जल संधि निलंबित कर रहा है तथा अटारी भूमि सीमा चौकी को बंद कर रहा है और सार्क वीजा कार्यक्रम के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रहा है। भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग में रक्षा सलाहकारों को भी ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ करार देते हुए तुरंत चले जाने को कहा। इसके साथ ही और मिशन के कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों के स्केच जारी किए

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकवादी हमले में कथित रूप से शामिल दो पाकिस्तानी नागरिकों सहित तीन आतंकवादियों के स्केच जारी कर दिए हैं और 1500 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने गुरुवार को यहां बताया कि तीन आतंकवादियों के स्केच जारी किये है और जारी जांच के तहत 1,500 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

पहलगाम हमले के बाद कश्मीर जाने वाले बंगाली पर्यटकों की संख्या में आ सकती है कमी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में पर्यटकों पर हुए बर्बर आतंकवादी हमले के बाद पश्चिम बंगाल के पर्यटकों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है। आतंकवादी हमले में राज्य के तीन पर्यटकों सहित 27 लोगों की जान चली गई।गौरतलब है कि कश्मीर आने वाले कुल पर्यटकों में से लगभग 30 प्रतिशत पर्यटक पश्चिम बंगाल से आते हैं।

उमर, महबूबा और अन्य ने जम्मू-कश्मीर से बाहर रहने वाले कश्मीरियों की सुरक्षा की मांग की

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम में हुए सबसे घातक आतंकी हमले के बाद कश्मीरियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच गुरुवार को कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों के अधिकारियों के संपर्क में है।पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और उनसे देश भर में धमकियों और उत्पीड़न का सामना कर रहे कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय निवासी की जान जाने के बाद कई राज्यों में कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों को धमकी और दुर्व्यवहार का सामना करने की खबरें सामने आई हैं।

देहरादून में हिंदू रक्षा दल ने कथित तौर पर एक अल्टीमेटम जारी किया है, जिसमें कश्मीरियों को दस दिनों के भीतर शहर छोड़ने के लिए कहा गया है।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार उनकी सुरक्षा के लिए अन्य राज्यों की सरकारों के संपर्क में है।श्री उमर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जम्मू-कश्मीर सरकार उन राज्यों की सरकारों के संपर्क में है, जहां से ये रिपोर्ट आ रही हैं। मैं इन राज्यों के अपने समकक्ष मुख्यमंत्रियों के भी संपर्क में हूं और उनसे अतिरिक्त सावधानी बरतने का अनुरोध किया है।”वह अपनी पार्टी के सहयोगी इमरान डार की अपील का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर के बाहर छात्रों की सुरक्षा पर बढ़ती चिंता के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की थी।

रिपोर्टों से चिंतित महबूबा मुफ्ती ने गृह मंत्री अमित शाह से बात की और पूरे भारत में कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का दबाव बनाया। सुश्री महबूबा ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और राष्ट्र के साथ एकजुटता व्यक्त की, इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर के लोग आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं।(वार्ता)

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