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“योगी का बड़ा दावा: ‘4 मई को बंगाल में कुछ ऐसा होगा…’ जानिए पूरी बात”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पश्चिम बंगाल के नदिया और कटवा में जनसभाओं के दौरान Trinamool Congress पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में माफियाराज, भ्रष्टाचार और अराजकता चरम पर है। Mamata Banerjee सरकार पर CAA का विरोध करने और विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उन्होंने “डबल इंजन सरकार” की जरूरत बताई। सीएम योगी ने दावा किया कि आगामी चुनाव परिणामों में बंगाल बदलाव की ओर बढ़ेगा।

नदिया : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के दौरे में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दो-टूक कहा कि ममता दीदी ने इसीलिए सीएए का विरोध किया था, क्योंकि उन्हें चिंता है कि हिंदू ज्यादा हो गए तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी? बंगाल में अराजकता के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराते हुए सीएम ने कहा कि यह पार्टी लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती। पहले चरण के मतदान में इन लोगों ने भाजपा नेताओं व प्रत्याशियों पर हमला किया, सबने इनकी गुंडागर्दी देखी। लेकिन, 4 मई को जब परिणाम आएगा तो टीएमसी के गुंडों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी। बंगाल अब अराजकता स्वीकार नहीं करेगा। कांग्रेस, कम्युनिस्टों व टीएमसी ने बंगाल के माथे पर लूटपाट का जो कलंक लगाया है, अब उससे मुक्त होने का समय है। बंगाल के लोगों ने डबल इंजन सरकार लाने का फैसला किया है, जो डबल स्पीड से काम करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नबद्वीप विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार श्रुति शेखर गोस्वामी के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नबद्वीप की आध्यात्मिक धरा और चैतन्य महाप्रभु को प्रणाम किया। यहां भीषण गर्मी में भी सीएम योगी के प्रति बंगालवासियों का लगाव स्पष्ट दिखाई दिया। जनसभा में हजारों की भीड़ लगातार ‘योगी-योगी’ का नारा लगाती रही। सीएम ने इस स्नेह के लिए मतदाताओं का आभार भी जताया।

4 मई को बंगाल में हर ओर लहराएगा केसरिया झंडा

सीएम योगी ने पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान के लिए मतदाताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि हर मतदाता के मन में भाव था कि बंगाल को टेरर, माफियाराज व करप्शन से मुक्ति दिलाकर फिर से भारत की पहचान का प्रतीक बनाना है और भाजपा की डबल इंजन सरकार लाना है। उस समय (23 अप्रैल, मतदान दिवस) के नजारे बता रहे थे कि जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो नबद्वीप का केसरिया झंडा बंगाल में हर ओर लहराता दिखाई देगा।

आध्यात्मिकता से बंगालवासियों का लगाव

सीएम योगी ने कहा कि 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने हरे कृष्णा, हरे रामा… की मधुर धुन के माध्यम से दुनिया को आकर्षित कर भारत के सनातन ध्वज को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का जो कार्य किया था, आज वही कार्य इस्कॉन के संन्यासी कर रहे हैं। वे भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली वृंदावन पर यह गान करते हुए भक्ति प्रवाह को प्रचारित करते हैं। उनका भक्ति का संदेश हिंदू समाज को जाति-पाति से उठकर ईश्वर के प्रति सर्वस्व समर्पण करने की प्रेरणा देने के साथ ही राष्ट्रवाद को नई ऊंचाई प्रदान करने वाला भी है।

टीएमसी ने बंगाल के सामने पहचान का संकट खड़ा किया

सीएम योगी ने कहा कि बंगाल ने भारत को सब कुछ दिया, फिर भी उसके साथ खूब छल हुआ। उन्होंने बंगाल की धरा पर जन्मे संतों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, समाज सुधारकों, वैज्ञानिकों व अन्य विभूतियों का नाम लेकर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। कहा कि एक समय नबद्वीप और बंगाल ने भारत को पहचान दी, लेकिन आज उस बंगाल के सामने स्वयं पहचान का संकट खड़ा हुआ है। यह संकट खड़ा किया टेरर, माफियाराज व करप्शन की प्रतीक बनी टीएमसी सरकार ने। भाजपा कार्यकर्ता संजय भौमिक की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई और तृणमूल के गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं। बंगाल में लैंड, सैंड, कैटल माफिया हावी हैं। टीएमसी के गुंडे दिल्ली से भेजे गए पैसे हड़प जाते हैं, लेकिन अब बंगाल जाग गया है। यहां कटमनी, अराजकता का खेल समाप्त होगा।

टीएमसी ने किया था सीएए का विरोध

सीएम ने मतदाताओं से कहा कि आपके हक पर घुसपैठियों से डकैती डलवाने वाली टीएमसी सरकार से मुक्ति का समय आ गया है, क्योंकि जो काम भारत और बंगाल के हित में है, टीएमसी उसका विरोध करती है। संसद में प्रधानमंत्री जी सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) का प्रस्ताव लेकर आए तो टीएमसी ने विरोध किया। यह एक्ट गारंटी देता है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से किसी हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को प्रताड़ित कर भारत भेजा गया है और वह पांच साल से अधिक समय से यहां रह रहा है तो उसे भारत की नागरिकता मिलेगी। इसी एक्ट के कारण बंगाल के अंदर काफी संख्या में नागरिकता दी गई, लेकिन ममता दीदी को यह बुरा लगता है। उन्हें चिंता है कि हिंदू ज्यादा होगा तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी। लेकिन, यूपी में कोई सड़क पर नमाज या इफ्तार पार्टी नहीं कर सकता। वहां मस्जिद से आवाज भी नहीं आती।

मां काली-मां दुर्गा की पूजा से कोई नहीं रोक सकता

सीएम योगी ने कहा कि बंगाल में ममता दीदी दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन और हिंदुओं का विरोध करती हैं। जयश्रीराम बोलने पर प्रतिबंध लगाती हैं। कोलकाता हाईकोर्ट को आदेश देना पड़ा था कि दुर्गापूजा की शोभायात्रा पर जो लोग सरेआम हमला कर रहे हैं, बंगाल में अव्यवस्था फैला रहे हैं, उन पर सख्ती की जानी चाहिए, परंतु तृणमूल सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि बंगाल की धरा पर मां काली-मां दुर्गा की पूजा कोई नहीं रोक सकता, ऐसा करने वालों के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन होगा। बंगाल की धरती पर गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की इससे भी बदतर स्थिति थी, लेकिन 2017 के बाद डबल इंजन सरकार ने कानून-व्यवस्था का राज स्थापित किया, विरासत का सम्मान करते हुए पूरे देश के सामने विकास की मिसाल पेश की।

कोई सोच रहा कि कहां खोलूं पंचर की दुकान तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता में: मुख्यमंत्री

पश्चिम बंगाल के कटवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनते ही टीएमसी के गुंडों को सिर छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी। वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और काम-धंधे की तलाश में जुट गए हैं। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कोई सोच रहा कि कहां पंचर की दुकान खोलूं तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता कर रहा है। बंगाल को पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्टों और पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस ने लूटा। यूपी में जितने माफिया कांग्रेस, सपा ने पाले थे, उनकी हड्डी-पसली कुचलने का काम बुलडोजर ने किया।

भाजपा प्रत्याशी कृष्ण घोष के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कटवा की पावन धरा, जहां चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य एवं वैष्णव परंपरा के महत्वपूर्ण ग्रंथकार सनातन गोस्वामी ने संन्यास ग्रहण किया था, को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। कटवा को खेपा काली मंदिर, इच्छाई घोष मंदिर, गोपेश्वर शिव मंदिर, नया कैलाश मंदिर जैसे 108 से अधिक देव मंदिरों के लिए जाना जाता है। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है। यह भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसने भारत को पहचान दी, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है।

विकास का पैसा हड़प लेते हैं टीएमसी के गुंडे

सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, उसे टीएमसी के गुंडे हड़प लेते हैं। आपके सामने अवसर है कि जो लोग बंगाल को उसकी पहचान के लिए मोहताज बना रहे हैं, उनके सामने पहचान का संकट खड़ा करें। बंगाल को उसकी प्रतिष्ठा वापस दिलानी है और उसे फिर से विकास के पथ पर अग्रसर करना है। बंगाल के हालात देखकर मैं चकित रह जाता हूं। ममता दीदी को ‘जय श्रीराम’ के नारे से परेशानी होती है। यही धरा है, जहां आज से लगभग 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने ‘हरे कृष्णा-हरे रामा’ का शंखनाद कर पूरी दुनिया में भारत की वैष्णव परंपरा का संदेश दिया था। उसी धरा पर ‘जय श्रीराम’ बोलने पर ममता दीदी रामभक्तों पर लाठी चलवाती हैं और आम लोगों पर हमले होते हैं। सरेआम हत्याएं हो रही हैं। सैंड और लैंड माफिया हावी हैं, जो युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं। न बेटियां सुरक्षित हैं, न व्यापारी। लव जिहाद और भूमि कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं। मां दुर्गा की पूजा और शोभायात्राओं में भी बाधाएं डाली जाती हैं। ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होबे’, लेकिन अब कहना होगा ‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’ (खेल खत्म, विकास शुरू)।

सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बना यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। वहां खुलेआम हत्या नहीं हो सकती। सड़कों पर कोई अव्यवस्था नहीं कर सकता। काशी जाएंगे तो एक नई भव्य काशी नजर आएगी और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जिसका कभी कांग्रेस, टीएमसी, कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टी विरोध करते थे।

बंगाल से यूपी की तुलना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 60 लाख युवाओं को बड़े उद्योगों में और तीन करोड़ से ज्यादा युवाओं को एमएसएमई यूनिट्स के माध्यम से रोजगार मिला है। इसके विपरीत, बंगाल में टीएमसी शासन के दौरान 30 लाख युवा बेरोजगार हुए हैं और उद्योग-धंधे बंद हुए हैं। जहां माफिया और भ्रष्टाचार का माहौल होता है, वहां विकास संभव नहीं होता और उद्योग भी स्थापित नहीं होते।

बंगाल में भारी मतदान, बदलाव देखने को मिलेगा

उन्होंने कहा कि बंगाल में पहले चरण के मतदान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और रुझान बताते हैं कि आगामी परिणामों में बदलाव देखने को मिलेगा। जब ईवीएम खुलेंगी तो कमल ही कमल देखने को मिलेगा। डबल इंजन सरकार बनने पर कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। टीएमसी की गुंडागर्दी सबने देखी, कैसे इन्होंने बीजेपी नेता पर हमला किया। इस अराजकता के खिलाफ बंगाल मुखर होकर सामने आया है।

कोई ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा

सीएम योगी ने कहा कि अब बंगाल में पीएम मोदी द्वारा भेजा जाने वाला पैसा सीधे विकास कार्यों में खर्च होगा। कोई भी ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा। टीएमसी के नेता कई बार से विधायक हैं। उन्होंने सिर्फ अपने परिवार को समृद्ध किया, कटवा की ओर ध्यान नहीं दिया। उन्हें विकास से कोई मतलब नहीं है। यह परिवारवाद की राजनीति करने वाले लोग विकास पर ध्यान नहीं देते, बल्कि केवल अपने और परिवार के विकास तक ही सीमित रहते हैं।

सुरक्षा नहीं दे पाने वाली सरकार को रहने का अधिकार नहीं

सीएम योगी ने कहा कि कटवा से कृष्ण घोष के विधायक बनने का मतलब होगा, सैंड माफिया का पूरी तरह समाप्त होना। कोई बूथ कैप्चरिंग नहीं कर पाएगा। व्यापारियों से ‘कटमनी’ नहीं ली जाएगी और विकास के लिए आने वाले धन का दुरुपयोग नहीं होगा। जो सरकार सुरक्षा नहीं दे सकती उसे रहने का कोई अधिकार नहीं है। यहां रेलवे ब्रिज का निर्माण होगा और भागीरथी नदी पर नए पुल का निर्माण भी कराया जाएगा।

टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यकः सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी विकास व गरीब कल्याण के लिए जो पैसा भेजते हैं, वह पैसा टीएमसी के गुंडे खा जाते हैं। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि भाजपा सरकार लाइए, क्योंकि भाजपा का मतलब सुरक्षा-सुशासन की गारंटी, दलित, वंचित, गरीब, महिलाओं को अधिकार, सम्मान व स्वावलंबन है। भाजपा आएगी तो विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, भारत माता को मजबूती प्रदान करने का आधार मिलेगा और बांग्लादेश से घुसपैठ रुकेगी। मुख्यमंत्री शनिवार को केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की मौजूदगी में बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

पंचर बनाने का ठिकाना तलाश रहे टीएमसी के गुंडे, 4 मई के बाद इन्हें कहीं से भी खोज निकालेंगे

सीएम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर टीएमसी के होंठ सिल जाते हैं। हिंदुओं के पक्ष में सहानुभूति का एक शब्द नहीं निकलता है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान कर नौजवानों, माताओं ने साबित किया है कि बंगाल के अंधकार को समाप्त करना है और टीएमसी मुक्त बंगाल का निर्माण करना है। 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के रुझान बताते हैं कि जब 4 मई को ईवीएम खुलेगी तो बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर भगवा लहराएगा और यहां भाजपा की डबल इंजन सरकार आएगी। भाजपा सरकार आने की आहट से बौखलाए टीएमसी के गुंडे ठिकाना ढूंढ़ रहे हैं कि उन्हें कहां जाकर पंचर बनाना है, लेकिन चिंता न कीजिए, 4 मई के बाद इन गुंडों को छिपने का ठिकाना नहीं मिलने वाला है। हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे।

गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं

सीएम ने कहा कि कल्चरल व नॉलेज कैपिटल के रूप में विख्यात बंगाल को त्याग व बलिदान, साहस व स्वाभिमान, अध्यात्म व देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा के रूप में स्मरण किया जाता है, लेकिन भारत का ग्रोथ इंजन रहा बंगाल अब पहचान के लिए मोहताज है। यहां नौजवान के लिए रोजगार नहीं है, किसान बदहाल और उद्योग धंधे बंद हैं। यहां टीएमसी का टेरर, माफियाराज व करप्शन है। सरेआम गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं है। सैंड, लैंड, कैटल माफिया बंगाल की पहचान पर संकट खड़ा कर रहे हैं। वहीं यूपी में डबल इंजन सरकार ने इन सबसे मुक्ति पा ली है। अब समय आ गया है, जब बंगाल को टीएमसी, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के सिंडिकेट से भी मुक्ति मिलेगी।

पीएम मोदी के कारण सुरक्षित महसूस कर रहा मतुआ समुदाय

सीएम ने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले। संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को भारत की नागरिकता देने की राह बनाई, तब इन दलों ने विरोध किया था। लेकिन, पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है। सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिया। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी।

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