Varanasi

क्या इस बार देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल होगी काशी? नगर निगम ने झोंकी पूरी ताकत

स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 में काशी को देश के टॉप-5 स्वच्छ शहरों में शामिल कराने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि जनता का सकारात्मक फीडबैक काशी की रैंकिंग बदल सकता है। नगर निगम घाटों, बाजारों और मोहल्लों में विशेष सफाई अभियान चला रहा है। लोगों से गीला और सूखा कचरा अलग देने की भी अपील की गई है।

  • स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 को लेकर मंत्री एके शर्मा सख्त, जनता के एक फीडबैक से बदल सकती है काशी की रैंकिंग

वाराणसी : देशभर में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के बीच काशी को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, नगर निकाय अध्यक्षों और अधिशासी अधिकारियों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

वाराणसी नगर निगम सभागार में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी भाग लिया। मंत्री ने स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिक सहभागिता को सबसे महत्वपूर्ण तत्व बताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक लोगों को फीडबैक प्रक्रिया से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि केवल सफाई व्यवस्था मजबूत कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक सोच से ही शहर को बेहतर रैंकिंग मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल सरकारी योजना या अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि हर नागरिक अपने मोहल्ले, सड़क और आसपास की सफाई के प्रति जिम्मेदारी महसूस करे। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शहरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी रखी जाए।

“काशी को टॉप-5 में लाना सामूहिक जिम्मेदारी”

वर्चुअल संवाद के बाद वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी ने नगर निगम सभागार में पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस बार काशी को राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पांच शहरों में स्थान दिलाना नगर निगम और शहरवासियों की साझा जिम्मेदारी है।

महापौर ने कहा कि नगर निगम की टीमें दिन-रात सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने में लगी हुई हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, घाटों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता सर्वेक्षण में सकारात्मक फीडबैक देकर काशी को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में ऊपर पहुंचाने में सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि “स्वच्छता सर्वेक्षण में काशी का प्रदर्शन सुधारना हमारा संकल्प है। नगर निगम इसके लिए निरंतर कार्य कर रहा है, लेकिन जनता का सहयोग और उनका फीडबैक ही हमें शीर्ष पर पहुंचाएगा।”

गीला और सूखा कचरा अलग करना जरूरी

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए घरों से निकलने वाले कचरे को गीला और सूखा श्रेणी में अलग-अलग करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोग यदि कूड़ा अलग-अलग करके नगर निगम की गाड़ियों को देंगे तो कचरा प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में आसानी होगी।

उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है।

वार्ड स्तर पर तेज होगा जागरूकता अभियान

अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने कहा कि स्वच्छता केवल वार्षिक सर्वेक्षण का विषय नहीं, बल्कि नागरिक जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि वार्ड स्तर पर सफाई मित्रों और निगम कर्मचारियों को सक्रिय कर विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि उनके द्वारा दिया गया एक सकारात्मक फीडबैक काशी की राष्ट्रीय रैंकिंग को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए स्कूलों, बाजारों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।

घाटों और धार्मिक स्थलों पर विशेष फोकस

नगर निगम सूत्रों के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण को देखते हुए शहर के घाटों, मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। गंगा घाटों पर नियमित सफाई, कूड़ेदान की व्यवस्था और प्लास्टिक मुक्त अभियान को भी गति दी गई है। नगर निगम का लक्ष्य है कि धार्मिक और पर्यटन नगरी काशी की पहचान केवल आध्यात्मिकता तक सीमित न रहे, बल्कि स्वच्छता के मामले में भी देशभर में मिसाल बने।

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