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1000 करोड़ के ऑनलाइन सट्टेबाजी खेल का बड़ा खुलासा, ईडी की रेड में क्या-क्या मिला?

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1000 करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु समेत 18 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कई डिजिटल साक्ष्य व दस्तावेज जब्त किए गए। जांच एजेंसी की नजर गेमिंग प्लेटफॉर्म ‘पॉकेट52’ और गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले पर है। मामले में खेल के नतीजों में हेरफेर और खिलाड़ियों के साथ धोखाधड़ी के आरोप भी सामने आए हैं।

नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित 1,000 करोड़ रुपये के ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट से जुड़े बड़े अभियान के तहत दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), बेंगलुरु और अन्य स्थानों पर लगभग 18 ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। गुरुवार सुबह शुरू हुई यह छापेमारी कल देर रात एक बजे तक चली। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, तलाशी के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार किये गये आरोपियों के नाम दीपक सिंह अहलावत, पृथ्वी कुमार और विकास तनेजा है। दीपक सिंह अहलावत हरियाणा के रहने वाला है, जबकि पृथ्वी कुमार उत्तराखंड का निवासी है।कार्रवाई के दौरान ईडी ने कथित तौर पर जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किये हैं। सूत्रों ने बताया कि यह मामला लगभग 1,000 करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से संबंधित है।ईडी के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, इसके निदेशकों और मामले से जुड़े कई अन्य आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई की।

अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में पहले बेंगलुरु के स्थानीय थानों में कई प्राथमिकी दर्ज की गयी थीं। इसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत जांच अपने हाथ में ली और आगे की कार्रवाई शुरू की।

एजेंसी ने पिछले साल मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों से जुड़े एक अलग लेकिन संबंधित मामले में भी तलाशी अभियान चलाया था। पिछले वर्ष 18 नवंबर से 22 नवंबर के बीच, ईडी ने बेंगलुरु और गुरुग्राम में मेसर्स निर्देश नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड (एनएनपीएल), मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जीटीपीएल) के कार्यालयों के साथ-साथ उनके निदेशकों और अन्य संदिग्धों के आवासों पर छापेमारी की थी।वह जांच कर्नाटक पुलिस की दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर शुरू की गयी थी।

ईडी के अनुसार, प्राथमिकियों में आरोप लगाया गया था कि एनएनपीएल की तरफ से संचालित गेमिंग प्लेटफॉर्म ‘पॉकेट52’ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी में शामिल था। इसमें खेल के परिणामों में हेरफेर, खिलाड़ियों के बीच मिलीभगत, तकनीकी खामियां, पैसे निकालने पर प्रतिबंध और प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता की कमी जैसे आरोप शामिल थे।(वार्ता)

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