सुप्रीम कोर्ट ने TMC की याचिका पर हस्तक्षेप से किया इनकार
नई दिल्ली में Supreme Court of India ने Trinamool Congress की उस याचिका पर कोई आदेश देने से इनकार कर दिया, जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती को चुनौती दी गई थी। अदालत ने Election Commission of India के अधिकार को मान्यता दी। इससे पहले Calcutta High Court भी याचिका खारिज कर चुका था। भाजपा ने फैसले का स्वागत करते हुए TMC के इरादों पर सवाल उठाए हैं।
नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस की उस याचिका पर कोई आदेश देने से शनिवार को इनकार कर दिया जिसमें पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की मतगणना के दौरान केन्द्र सरकार और केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मियों को तैनात करने के चुनाव आयोग के निर्णय को चुनौती दी गयी थी।तृणमूल कांग्रेस ने इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनाव आयोग के निर्णय को चुनौती दी थी लेकिन न्यायालय ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। न्यायालय ने कहा था कि मतगणना कर्मियों की नियुक्ति करना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
शीर्ष न्यायालय में न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा तथा न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची की पीठ ने तृणमूल कांग्रेस तथा चुनाव आयोग के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि इस मामले में कोई आदेश देने की जरुरत नहीं है। सिर्फ चुनाव आयोग के वकील का यह वक्तव्य रिकॉर्ड कर लिया गया है कि चुनाव आयोग गत 13 अप्रैल काे जारी सर्कुलर का पूर्णत: पालन करेगा।तृणमूल कांग्रेस ने याचिका में केन्द्रीय कर्मचारियों और केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारियों को मतगणना में लगाने पर आपत्ति की थी।आयोग के 13 अप्रैल के सर्कुलर में कहा गया है कि मतगणना में एक पर्यवेक्षक या सहायक पर्यवेक्षक में से कम से कम एक केन्द्रीय कर्मचारी या केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का कर्मचारी नियुक्त करना अनिवार्य है।
उच्चतम न्यायालय का फैसला तृणमूल कांग्रेस के इरादों पर सवालिया निशानः भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उच्चतम न्यायालय द्वारा तृणमूल कांग्रेस की याचिका खारिज किये जाने का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक और नैतिक नज़रिए से पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी (तृणमूल) के इरादों पर गंभीर सवालिया निशान बताया है।
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती के दौरान पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के कर्मचारियों की तैनाती के चुनाव आयोग के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी इस मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोला।(वार्ता)
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