कभी अपराध और पलायन से जूझता था आजमगढ़, आज देश-दुनिया में क्यों हो रही इसकी चर्चा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए कहा कि जिले की पहचान अब माफिया और अपराध नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति, उद्योग और आधुनिक बुनियादी ढांचे से है। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और ब्लैक पॉटरी उद्योग को जिले के विकास के प्रमुख प्रतीक बताया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और कारीगरों के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया।
आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि आजमगढ़ की पहचान अब माफिया, अपराध और आतंकवाद से नहीं बल्कि विकास, शिक्षा, संस्कृति और रोजगार के नए अवसरों से हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप आजमगढ़ सहित पूरे पूर्वांचल में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले आजमगढ़ की पहचान अपराध, माफियाओं और अराजक तत्वों के कारण होती थी, लेकिन आज यह जिला विश्वविद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, फोरलेन कनेक्टिविटी, हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय, ब्लैक पॉटरी उद्योग और आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए जाना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के तहत गरीबों को आवास, शौचालय, बिजली, पेयजल और सुरक्षा उपलब्ध कराने का व्यापक अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
विकास योजनाओं को मिली नई गति
मुख्यमंत्री ने जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, वे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पेयजल, शहरी विकास तथा ग्रामीण बुनियादी ढांचे से संबंधित हैं। लगभग एक हजार करोड़ रुपये की इन योजनाओं को जिले के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य कर रही है। आजमगढ़ में सत्तारूढ़ दल का सांसद या अधिकांश क्षेत्रों में विधायक न होने के बावजूद यहां विकास कार्यों में कोई कमी नहीं रखी गई। सरकार ने जिले की आवश्यकताओं को चिन्हित कर योजनाओं को प्राथमिकता दी है।
शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब आजमगढ़ के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य जिलों और महानगरों की ओर जाना पड़ता था, क्योंकि यहां विश्वविद्यालय जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अब महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही जिले में मिल रही है।
60 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित विश्वविद्यालय आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से लैस है। इसके अतिरिक्त जिले में सैनिक स्कूल की स्थापना तथा हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय का निर्माण भी युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आया है। हरिहरपुर घराने की शास्त्रीय संगीत परंपरा को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट ने बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ने आजमगढ़ को प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से बेहतर ढंग से जोड़ दिया है। इससे न केवल आवागमन सुगम हुआ है बल्कि औद्योगिक निवेश और व्यापार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 250 से अधिक निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है, जिनसे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं एयरपोर्ट के संचालन से क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
ब्लैक पॉटरी उद्योग को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में निजामाबाद की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कला का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय इस पारंपरिक कला से जुड़े कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट था और उन्हें रोजगार के लिए महानगरों की ओर पलायन करना पड़ता था।
प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना ने इस उद्योग को नई पहचान दी है। आज ब्लैक पॉटरी उत्पादों की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है। सिंगापुर, सऊदी अरब सहित कई देशों में इसकी मांग बढ़ी है और उद्योग का कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुंच गया है।
ब्लैक पॉटरी से जुड़े कारीगरों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के कारण उनकी आय में वृद्धि हुई है और बच्चों को बेहतर शिक्षा तथा भविष्य के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत हजारों कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है।
महिलाओं और युवाओं को मिला सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। जिले की अनेक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से युवाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर रोजगार सृजन में योगदान दे रहे हैं।
विरासत और राष्ट्रनायकों का सम्मान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य और राष्ट्रभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को अपनी गौरवशाली विरासत और राष्ट्रनायकों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नया भारत गुलामी के प्रतीकों को स्वीकार नहीं करेगा और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देने का कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच में विदेशी आक्रांता सालार मसूद के बजाय महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य स्मारक का निर्माण कराया गया है, जो देश की सांस्कृतिक चेतना और गौरव का प्रतीक है।
‘भारत का बढ़ा सम्मान, यूपी बना विकास का इंजन’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है और उत्तर प्रदेश देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार, निवेश को बढ़ावा और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण प्रदेश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब गुंडों और माफियाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। कानून का राज स्थापित होने से आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर रहा है और विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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