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घाट से विश्वनाथ गली तक छांव का कवच, श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी से बड़ी राहत

वाराणसी में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए नगर निगम ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को राहत देने के लिए विशेष व्यवस्था की है। दशाश्वमेध घाट से काशी विश्वनाथ गली तक 75 मीटर लंबा ग्रीन शेड लगाया गया है, जिससे बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आने वाले भक्तों को धूप से बचाव मिलेगा। साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों पर भी ग्रीन नेट लगाए जा रहे हैं। नगर निगम ने 17 स्थानों पर वाटर कूलर और 22 स्थानों पर प्याऊ की भी व्यवस्था की है।

वाराणसी। जून की भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच श्रद्धालुओं तथा आम नागरिकों को राहत देने के लिए नगर निगम ने विशेष पहल शुरू की है। गंगा स्नान कर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अब चिलचिलाती धूप का सामना कम करना पड़ेगा। नगर निगम ने दशाश्वमेध घाट से काशी विश्वनाथ गली के मोड़ तक लगभग 75 मीटर लंबा ग्रीन शेड (हरा पर्दा) लगवाया है, जिससे श्रद्धालुओं को छांव उपलब्ध हो सके।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य बढ़ती गर्मी और लू के प्रभाव से लोगों को बचाना है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद बाबा के दर्शन के लिए विश्वनाथ गली से होकर गुजरते हैं। संकरी गलियों और लंबी कतारों में खड़े रहने के दौरान उन्हें तेज धूप और उमस का सामना करना पड़ता था। ग्रीन शेड लगने से अब इस मार्ग पर काफी हद तक राहत मिलेगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता

गर्मी के मौसम में काशी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आती। विशेषकर सुबह और दोपहर के समय गंगा स्नान तथा दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम ने धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालु सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की है।

दशाश्वमेध घाट से विश्वनाथ गली तक लगाया गया हरा पर्दा न केवल धूप को रोकने का काम करेगा, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए अपेक्षाकृत ठंडा वातावरण भी उपलब्ध कराएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था गर्मी के इस दौर में काफी उपयोगी साबित होगी।

प्रमुख चौराहों और तिराहों पर भी लगाए जा रहे ग्रीन शेड

नगर निगम ने केवल धार्मिक स्थलों तक ही अपनी योजना सीमित नहीं रखी है। शहर के व्यस्त चौराहों और तिराहों पर भी बड़े आकार के ग्रीन नेट लगाए जा रहे हैं। मलदहिया, रथयात्रा, तेलियाबाग सहित कई प्रमुख स्थानों पर यह कार्य शुरू हो चुका है।

इन स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने वाले दोपहिया वाहन चालक, साइकिल सवार, ई-रिक्शा चालक तथा पैदल यात्री सबसे अधिक गर्मी का सामना करते हैं। लाल बत्ती के दौरान कुछ मिनटों का इंतजार भी तेज धूप में कठिन हो जाता है। ग्रीन शेड लगने से उन्हें छांव मिलेगी और लू व हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।

हीट स्ट्रोक से बचाव पर विशेष जोर

मौसम विभाग द्वारा लगातार बढ़ते तापमान और लू की चेतावनी के मद्देनजर नगर निगम ने एहतियाती कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक तेज धूप में रहने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ग्रीन शेड और पेयजल की उपलब्धता इस खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के अन्य व्यस्त तिराहों और चौराहों को भी चरणबद्ध तरीके से इस योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को राहत मिल सके।

17 स्थानों पर वाटर कूलर, 22 स्थानों पर प्याऊ

गर्मी से राहत देने के लिए नगर निगम ने पेयजल व्यवस्था को भी मजबूत किया है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 17 स्थानों पर आधुनिक वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 22 स्थानों पर प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं।

इन प्याऊ और वाटर कूलरों का लाभ राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को मिल रहा है। भीषण गर्मी में यह व्यवस्था लोगों के लिए काफी सहायक साबित हो रही है।

नागरिकों ने की पहल की सराहना

नगर निगम की इस पहल को स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने सकारात्मक कदम बताया है। लोगों का कहना है कि वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन नगरी में गर्मी के मौसम में छांव और पेयजल की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। घाटों, मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर की गई यह पहल न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि शहर की सकारात्मक छवि को भी मजबूत करेगी।

मुख्य बिंदु

दशाश्वमेध घाट से विश्वनाथ गली तक 75 मीटर लंबा ग्रीन शेड लगाया गया।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को धूप से राहत मिलेगी।
मलदहिया, रथयात्रा, तेलियाबाग सहित प्रमुख चौराहों पर भी ग्रीन नेट लगाए जा रहे हैं।
हीट स्ट्रोक और लू से बचाव के लिए नगर निगम की विशेष पहल।
17 स्थानों पर वाटर कूलर और 22 स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था।
आने वाले दिनों में अन्य व्यस्त तिराहों और चौराहों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।

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