“ईडी का बड़ा एक्शन: दो साल में रिकॉर्ड केस, हजारों करोड़ की संपत्ति जब्त”
नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी 70वीं वर्षगांठ मनाई। निदेशक राहुल नवीन ने बताया कि एजेंसी ने क्रिप्टो, साइबर अपराध, आतंक वित्तपोषण जैसे खतरों से निपटने में क्षमता बढ़ाई है। वित्त वर्ष 2025–26 में 812 शिकायतें दर्ज हुईं और ₹81,422 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। कुल जब्ती ₹2.36 लाख करोड़ पहुंची। 63,142 करोड़ रुपये पीड़ितों को लौटाए गए। 94% दोषसिद्धि दर के साथ ईडी ने अपनी सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता पर जोर दिया।
नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यहां स्थित भारत मंडपम में अपनी 70वीं वर्षगांठ मनायी और इस मौके पर ईडी के निदेशक राहुल नवीन ने वित्तीय अपराधों से निपटने और देश की आर्थिक व्यवस्था की रक्षा करने में एजेंसी की बढ़ती भूमिका के बारे में बताया।श्री नवीन ने अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को संबोधित करते हुए कहा कि ईडी ने क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी, साइबर-सक्षम वित्तीय अपराधों, आतंकवाद के वित्तपोषण और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे उभरते खतरों के अनुसार खुद को ढाल लिया है।इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू और विशेष निदेशक मनु टेंटिवाल और अन्य लोग शामिल हुए।
ईडी निदेशक ने कहा कि वित्त वर्ष 2025–26 में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत 812 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गईं, जो पिछले साल के आंकड़ों से लगभग दोगुनी हैं। उन्होंने बताया कि ईडी के इतिहास में कुल अभियोजन शिकायतों में से 41 प्रतिशत से ज़्यादा शिकायतें पिछले दो सालों में ही दर्ज की गई हैं। ईडी ने इस वित्त वर्ष के दौरान 81,422 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की, जो 170 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। इसके साथ ही कुल जब्ती 2.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गयी है।
श्री नवीन ने कहा कि गैर-दोषसिद्धि-आधारित ज़ब्ती जैसे प्रावधानों के ज़रिए पीड़ितों (जिनमें बैंक, निवेशक और घर खरीदने वाले शामिल हैं) को 63,142 करोड़ रुपये वापस दिलाए गए हैं। ईडी निदेशक ने 94 प्रतिशत की दोषसिद्धि दर पर भी ज़ोर दिया और भरोसा जताया कि अदालतों में अभी लंबित 2,400 से ज़्यादा मामलों में से ज़्यादातर में दोषसिद्धि होगी।
भगोड़े अपराधियों के बारे में उन्होंने कहा कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत 54 लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, जिनमें से 21 को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और अब तक 2,178 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की गयी है।श्री नवीन ने धन शोधन विरोधी प्रयासों में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर भी ज़ोर दिया, और अंतरराष्ट्रीय संपत्ति रिकवरी नेटवर्क में भारत की नेतृत्व की स्थिति और आने वाले वैश्विक कार्यक्रमों का ज़िक्र किया।
उन्होंने ईडी के भीतर प्रशासनिक सुधारों पर भी ज़ोर दिया, जिनमें क्यूआर कोड-आधारित समन सत्यापन जैसे बेहतर पारदर्शिता उपाय और मज़बूत आंतरिक निगरानी शामिल हैं।श्री नवीन ने ईडी के अधिकारियों को उनके समर्पण के लिए श्रेय दिया और जटिल वित्तीय अपराधों से निपटने तथा यह सुनिश्चित करने के प्रति एजेंसी की प्रतिबद्धता को दोहराया कि अपराध से अर्जित संपत्ति समाज को वापस दिलाई जाए। (वार्ता)
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