
कोरोना विजेताओं से सामाजिक भेदभाव ठीक नहीं-डा.अंसारी
- बातचीत व हौसला अफजाई से ही बनेगी बात। - अलग-थलग करना अवैज्ञानिक व अमानवीय। - कोरोना को हराने वाले से नहीं फैलता वायरस का संक्रमण।
महराजगंज। कोविड-19 को मात देने वालों के साथ सामाजिक भेदभाव करना वैज्ञानिक और मानवीय दोनों दृष्टिकोण से उचित नहीं है । उन्होंने एक ऐसे वायरस को हराया है जो कि किसी को भी और कभी भी हो सकता है, इसमें उनका कोई ऐसा दोष नहीं है जिसके लिए उनके सामाजिक भेदभाव किया जाए।आखिर वह भी हमारे समाज और परिवार के अभिन्न अंग हैं।
उक्त बातें कोरोना नोडल अधिकारी डाँ आइए अंसारी ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति से बात करने पर यही पता चलता है कि उनको इसके चपेट में आने से ज्यादा यह चिंता सताती रहती है कि लोग क्या कहेंगे और उनके साथ कैसा व्यवहार करेंगे । उनकी इस चिंता और तनाव को तभी दूर किया जा सकता है जब हम उनके साथ पहले जैसा सामान्य व्यवहार करें । इसके साथ ही कोरोना से स्वस्थ हुए व्यक्ति को अलग-थलग करना अवैज्ञानिक और अमानवीय भी है । इसीलिए समुदाय को बराबर जागरूक भी किया जा रहा है कि कोविड-19 को मात देने वाले व्यक्ति के साथ बातचीत करना पूरी तरह से सुरक्षित है।



