अब काशी में गर्मी नहीं करेगी परेशान, शहर में लगेंगी ‘मिस्ट गन’, कूड़े के पहाड़ पर उगेगा जंगल
वाराणसी में बढ़ती गर्मी और प्रदूषण से राहत देने के लिए नगर निगम ने हाईटेक योजना शुरू की है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर मिस्ट गन लगाई जाएगी, जिससे तापमान 10 से 12 डिग्री तक कम किया जा सकेगा। करसड़ा के कूड़े के पहाड़ को मियावाकी तकनीक से जंगल में बदला जाएगा। वहीं स्कूलों में कूल रूफ कोटिंग और मैदागिन में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
वाराणसी : काशी अब ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के खिलाफ जंग में आधुनिक तकनीक का सहारा लेगी। नगर निगम ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए राहत सिस्टम’ और स्कूलों में ‘कूल रूफ’ जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है।
नगर निगम सभागार में शुक्रवार को आयोजित पत्रकारवार्ता मे नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थलों और चौराहों (मैदागिन, गोदौलिया, लहुराबीर, वरुणा पुल) पर ‘राहत सिस्टम’ (मिस्ट गन) लगाने का प्रस्ताव है। यह नवीन वायुमंडलीय प्रणाली विशेष द्रव को सूक्ष्म कणों में बदलकर वातावरण में फैलाती है, जिससे भीषण गर्मी में तापमान को दस से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम किया जा सकता है। गौशालाओं में इसे लगाने का काम शुरू भी हो चुका है।
इसके साथ ही, मैदागिन में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए अस्सी की भांति मैदागिन में भी मल्टीलेवल पार्किग बनाने का निर्णय लिया है । इस क्रम में 100 वाहनों के लिए मल्टीलेवल पार्किग के निर्माण की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है। इस पार्किंग से मैदागिन पर लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। बताया कि करसड़ा में एक दशक से जमा 12.64 लाख मीट्रिक टन कूड़े को साफ कर वहां 25 एकड़ में जापानी तकनीक से सघन जंगल विकसित करने की योजना है ।
इसके अलावा कचहरी स्थित आंबेडकर चौराहा, लहुराबीर, लंका, मैदागिन, तेलियाबाग सहित शहर के 15 चौराहे व तिराहे के सुंदरीकरण की योजना बनाई है । वहीं चरणबद्ब तरीके से शहर के सभी 276 पाकौं का भी कायाकल्प कराने का प्रस्ताव है ।
फ्लाईओवर के नीचे बनेगा पर्यटन हब
उन्होंने बताया कि लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र अब अतिक्रमण नहीं बल्कि खूबसूरती के लिए जाना जाएगा। 13 करोड़ की लागत से यहां पाथ-वे, हरियाली और डॉरमेट्री का निर्माण आठ से नौ माह में पूरा कराने का लक्ष्य है। नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि 150 नए वाहनों की मदद से अब शहर के सभी वार्डों में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जा रहा है ।
कूड़े के पहाड़ पर लहलहाएगा जंगल
करसड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड अब अभिशाप नहीं, बल्कि शहर का ‘फेफड़ा’ बनेगा। 53.15 करोड़ रुपये की लागत से पिछले एक दशक से जमा 12.64 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके (बायोमाइनिंग) से निस्तारण किया जाएगा। कचरा साफ होने के बाद खाली हुई 25 एकड़ जमीन पर जापानी तकनीक ‘मियावाकी’ से सघन जंगल विकसित किया जाएगा।
ठंडी होंगी सरकारी स्कूलों की छतें
निगम ने स्कूलों और मलीन बस्तियों को गर्मी से बचाने के लिए ‘कूल रूफ कोटिंग’ का निर्णय लिया है। जेपी मेहता इंटर कॉलेज से शुरू हुई इस योजना को 100 विद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा। यह विशेष रिफ्लेक्टिव पेंट सूर्य की किरणों को परावर्तित कर छतों को ठंडा रखेगा।
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