पहली ही कैबिनेट बैठक में सुभेंदु सरकार का मास्टरस्ट्रोक, जानिए क्या-क्या बदला
पश्चिम बंगाल की नवगठित सुभेंदु अधिकारी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीली तार लगाने के लिए बीएसएफ को भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही आयुष्मान भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, फसल बीमा और उजाला जैसी केंद्रीय योजनाओं को लागू करने की मंजूरी दी गई। सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट भी घोषित की गई। सरकार ने पारदर्शिता, सुरक्षा और सुशासन को प्राथमिकता देने की बात कही।
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने सोमवार को प्रशासनिक, सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों की घोषणा करते हुए भारत-बंगलादेश सीमा पर कंटीले तार लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय लिया।राज्य सरकार ने अपनी पहली मंत्रिमंडल बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना सहित केंद्र सरकार की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं को लागू करने को भी मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय नवन्ना में मंत्रिमंडल बैठक के बाद कहा, “आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने सीमा पर कंटीले तार लगाने के लिए बीएसएफ को भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। अगले 45 दिनों के भीतर यह भूमि गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गयी है कि पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी हो। इसके बाद बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का कार्य पूरा करेगी और अवैध घुसपैठ की समस्या का शीघ्र समाधान हो जाएगा।
“राज्य की बंगलादेश के साथ साझा 2216.7 किलोमीटर लंबी सीमा का बड़ा हिस्सा अब भी बाड़रहित है और भारत-बंगलादेश सीमा पर सीमा अवसंरचना निर्माण के लिए बीएसएफ को भूमि उपलब्ध कराना हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रमुख मुद्दों में शामिल था। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया था कि वह जानबूझकर बीएसएफ को भूमि उपलब्ध नहीं करा रही थी, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस सक्रिय रूप से सीमा पार से आने वाले घुसपैठियों का समर्थन कर रही थी, जिन्हें बाद में नौ सीमावर्ती जिलों में वोट बैंक में बदला गया।
“श्री अधिकारी ने बेरोजगारी की समस्या कम करने के उद्देश्य से सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, “हमने राज्य में सरकारी नौकरी के आवेदकों के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने का फैसला किया है।”मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार “सुशासन, सुरक्षा और विकास” को प्राथमिकता देगी तथा राज्य को केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं से अधिक निकटता से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा, “राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव हुए हैं। सरकार बनाने के लिए जनता ने हम पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए मैं उनका आभारी हूं।”मुख्यमंत्री की ओर से की गयी प्रमुख घोषणाओं में राज्य का औपचारिक रूप से आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ना भी शामिल है। उन्होंने कहा, “हमने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क कर सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करें।” इस दौरान उनके साथ मंत्री दिलीप घोष, निशित प्रामाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया और क्षुदिराम टुडू उपस्थित थे।
आयुष्मान भारत योजना के अलावा राज्य में जन आरोग्य योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, फसल बीमा योजना और उजाला योजना जैसी केंद्र सरकार की अन्य योजनाएं भी लागू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की भी घोषणा की। इसके तहत आईएएस अधिकारियों को केंद्रीकृत प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने की योजना बनायी गयी है। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने राज्य की प्रक्रियाओं को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 के प्रावधानों के अनुरूप बनाने का निर्णय लिया।श्री अधिकारी ने पूर्ववर्ती सरकार पर गृह मंत्रालय के जनगणना संबंधी निर्देशों के क्रियान्वयन में देरी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “आज हमने जनगणना प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी किया है। 11 महीने की देरी के बाद अब यह लंबित प्रक्रिया शुरू की जा रही है।”उन्होंने आरोप लगाया, “जनगणना प्रक्रिया को जानबूझकर रोका गया था। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री की परिसीमन प्रक्रिया और महिलाओं, विशेषकर माताओं एवं बहनों के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की पहल को बाधित करना था। इसकी जांच के लिए तथ्य अन्वेषण समिति गठित की जाएगी।”मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन पारदर्शिता बढ़ाने और दुरुपयोग रोकने के लिए कड़ी सत्यापन प्रणाली लागू की जाएगी।
उन्होंने कहा, “हम किसी भी गैर-भारतीय अथवा बेईमान व्यक्ति को पिछली व्यवस्था की खामियों का लाभ उठाकर इन योजनाओं का फायदा नहीं लेने देंगे। सब कुछ पारदर्शी होगा।”नवगठित सरकार ने “राजनीतिक हिंसा” में मारे गए 321 भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया है।श्री अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इससे पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दो दिन बाद श्री अधिकारी ने राज्य सचिवालय नवान्न में कार्यभार संभाला, जहां उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया गया।
सुबह 11.08 बजे सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर नवान्न पहुंचे श्री अधिकारी का वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने स्वागत किया। उन्हें औपचारिक सलामी दी गई तथा उन्होंने राज्य पुलिस के जवानों द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। सचिवालय में इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।श्री अधिकारी वहां उपस्थित सभी लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन करते दिखाई दिए, जबकि टेलीविजन कैमरापर्सन और फोटो पत्रकार इस ऐतिहासिक अवसर के हर क्षण को कैमरे में कैद करने में जुटे रहे। (वार्ता)
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