IOC, BPCL, HPCL को 18,150 करोड़ का नुकसान, क्या है कारण?
पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण देश की तीनों सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कुल 18,150 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ। हालांकि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी के बढ़े दामों से इन कंपनियों का संयुक्त परिचालन राजस्व 24 प्रतिशत बढ़कर 5.79 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। जुलाई में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी दूसरी तिमाही के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
नयी दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट के कारण सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकल आधार पर 18,150 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ।पश्चिम एशिया संकट की शुरुआत इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के साथ हुई थी। हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमत अचानक बढ़ गयी। इससे तेल विपणन कंपनियों की कच्चे माल की लागत बढ़ गयी।देश की तीनों सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों को इस कारण पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के दौरान भारी नुकसान उठाना पड़ा।
इंडियन ऑयल का नुकसान 2,661 करोड़ रुपये, भारत पेट्रोलियम का 3,962 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का 11,526 करोड़ रुपये रहा। इस प्रकार कुल 18,150 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ है।वहीं, इस संकट के बीच बाजार में इन कंपनियों द्वारा बेचे जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों जैसे पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, पीएनजी आदि के दाम भी बढ़े। इससे इन कंपनियों के सम्मिलित परिचालन राजस्व में 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।तिमाही के दौरान इंडियन ऑयल का परिचालन राजस्व 2,75,972 करोड़ रुपये, भारत पेट्रोलियम का 1,59,479 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का 1,44,531 करोड़ रुपये रहा।
तीनों कंपनियों को सम्मिलित परिचालन राजस्व 5,79,982 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के 4,68,321 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 24 प्रतिशत अधिक है।तिमाही के दौरान कच्चे तेली की औसत कीमत भारतीय बास्केट में लगातार सुधरती रही। अप्रैल में यह 114.48 डॉलर, मई में 106.23 डॉलर और जून में 83.22 डॉलर प्रति बैरल रही थी। जुलाई में यह औसत और घटकर 81.52 डॉलर प्रति बैरल रही जो दूसरी तिमाही के लिए अच्छे संकेत हैं। हालांकि 30 जुलाई को भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की कीमत 90.04 डॉलर प्रति बैरल रही। (वार्ता)



