HealthNational

दूसरे फेज में वैक्सीनेशन से लेकर कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन की क्या है प्रक्रिया, बता रहे हैं एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया

एक मार्च से वैक्सीन के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है जिसमें 60 साल की उम्र के ऊपर वाले बुजुर्ग और 45 साल की उम्र के कोमोरबिडिटी वाले लोगों को शामिल किया जाएगा। ऐसे में वैक्सीन लगवाने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बारे में एम्म नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया से विशेष चर्चा की, जहां उन्होंने कई सवालों का जवाब दिया।

बुजुर्गों के वैक्सीनेशन की प्रक्रिया क्या है?

60 साल से ऊपर के बुजुर्गों और 45 साल से ऊपर के कोमोरबिडिटी से ग्रसित लोगों को आगामी एक मार्च से वैक्सीन लगाई जाएगी। ऐसे लोग कोविन एप के जरिए भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा उसमें चेक भी कर सकते हैं कि उनका नाम है कि नहीं। जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है और वैक्सीनेशन वर्ग में आते हैं, वे लोग एक आईडी कार्ड और फोटो के साथ केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। उन्हें केंद्र द्वारा तारीख दी जाएगी और उनका नंबर आते ही उन्हें वैक्सीन लगाई जाएगी। अगर उस दिन नंबर नहीं आया तो अगली तारीख दी जाएगी।

जो बुजुर्ग टीकाकरण केंद्र तक नहीं जा सकते हैं, वो क्या करें?

जो बुजुर्ग टीकाकरण केंद्र पर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए उपयुक्त इंतजाम किए जाएंगे। ऐसे लोगों को स्थानीय वॉलेंटियर्स या गांव के लोगों की मदद से वैक्सीन दी जाएगी। ऐसे बुजुर्गों को वैक्सीन सेंटर तक लाने-ले जाने का भी इंतजाम किया जा रहा है।

टीका सरकारी केंद्र में ही लगेगा या प्राइवेट में भी लगवा सकते हैं?

कोरोना का टीकाकरण अब सरकारी और प्राइवेट दोनों जगहों पर होगा। सरकारी केंद्र पर नि:शुल्क वैक्सीन लगेगी और प्राइवेट में शुल्क देना होगा। हालांकि सरकार एक नियम पर काम कर रही है, जिसके तहत वैक्सीन का एक निश्चित मूल्य तय होगा और सभी प्राइवेट अस्पतालों में उसी शुल्क पर वैक्सीन लगेगी। इसके अलावा फैक्ट्री आदि के पास स्वास्थ्य केंद्रों पर भी टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोगों को ज्यादा दूर न जाना पड़े।

स्पूतनिक-5, कोवीशिल्ड और कोवैक्सीन से कैसे अलग है?

स्पूतनिक-5 के इमरजेंसी उपयोग की अनुमति के लिए एक प्रस्ताव डीसीजीआई (DCGI) के यहां भेजा गया है। ये भी कोरोना के खिलाफ वैक्सीन है। जैसा कि कोविश्ल्ड वैक्सीन शरीर में एंटीबॉडी बनाती है, उसी तरह स्पूतनिक-5 भी है, लेकिन इसका वेक्टर पहले वाले से अलग है। वैक्सीन में हम तीन चीजें देखते हैं- एंटीजन क्या है, उसका प्लेटफॉर्म क्या है, उसका रूट और उसे कितनी बार देना है। जैसे अभी जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन आई है, उसकी केवल एक डोज है।

आम आदमी को वैक्सीन कब तक उपलब्ध होगी?

अभी तक वैक्सीन हाई रिस्क ग्रुप के लोगों को दी जा रही है। इसके साथ ही सप्लाई और डिमांड के अनुरूप अलग-अलग चरण बनाए गए हैं। जैसे की पहले चरण में देखें तो अगर 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देनी है तो 60 करोड़ डोज चाहिए। हालांकि आने वाले समय में कई और वैक्सीन आने वाली हैं। अगर ये सफल होती हैं तो वैक्सीन की सप्लाई आसान हो जाएगी।

क्या आरोग्य सेतु ऐप से भी वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं?

अभी इस पर भी काम चल रहा है कि कोविन और आरोग्य सेतु दोनों ऐप पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध हो। अगर ऐसा होता है तो स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सूचित किया जाएगा। हां, अगर रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं तो वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button