स्वतंत्रता सेनानियों व पद्म अवार्डियों को टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट
वाराणसी नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गृहकर, जलकर और सीवर कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब समय से टैक्स जमा करने पर 10 प्रतिशत और ऑनलाइन भुगतान पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट मिलेगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं को 50 प्रतिशत टैक्स छूट दी जाएगी। वहीं दृष्टिहीन और 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले भवन स्वामियों का टैक्स पूरी तरह माफ रहेगा।
वाराणसी : वाराणसी नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गृहकर, जलकर और सीवर कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत समय से टैक्स जमा करने वाले भवन स्वामियों को अब पहले से अधिक छूट का लाभ मिलेगा। नगर निगम द्वारा टैक्स सॉफ्टवेयर में बदलाव किए जाने के बाद ऑफलाइन भुगतान पर 10 प्रतिशत और ऑनलाइन भुगतान करने पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट दी जाएगी। यानी ऑनलाइन टैक्स जमा करने वाले नागरिकों को कुल 12 प्रतिशत तक का लाभ मिलेगा।
यह जानकारी शुक्रवार को नगर निगम सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दी। उन्होंने बताया कि शहर के करीब 2.33 लाख भवन स्वामी 15 जुलाई तक टैक्स जमा कर इस विशेष छूट योजना का लाभ उठा सकते हैं।नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम नागरिकों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसी उद्देश्य से ऑनलाइन भुगतान पर अतिरिक्त छूट देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने चालू वित्तीय वर्ष का टैक्स पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उनकी अतिरिक्त छूट की राशि अगले वित्तीय वर्ष के बिल में समायोजित कर दी जाएगी।
स्वतंत्रता सेनानियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं को विशेष राहत
नगर निगम ने पहली बार स्वतंत्रता सेनानियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं को टैक्स में 50 प्रतिशत की विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त ने कहा कि यह सम्मान उन लोगों के प्रति नगर निगम की कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने देश और समाज के लिए विशेष योगदान दिया है। इसके अलावा दृष्टिहीन और 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले भवन स्वामियों का टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र नगर निगम कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।
डिजिटल जनगणना-2026 को लेकर भी अपील
पत्रकार वार्ता के दौरान नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान समय में शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण और डिजिटल जनगणना-2026 का कार्य भी चल रहा है। उन्होंने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि लोग 21 मई तक डिजिटल जनगणना पोर्टल
पर जाकर 33 सवालों के जवाब देकर अपनी स्व-गणना कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्व-गणना पूरी होने के बाद नागरिकों को 11 अंकों की एसई-आईडी जनरेट होगी। 22 मई से जब प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे, तब नागरिकों को केवल यह आईडी दिखानी होगी। इससे जनगणना प्रक्रिया में समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण में फीडबैक देने की अपील
नगर आयुक्त ने स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर भी शहरवासियों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि काशी की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधारने के लिए नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता सर्वेक्षण में सकारात्मक फीडबैक देकर शहर को देश के स्वच्छतम शहरों की सूची में ऊपर पहुंचाने में सहयोग करें।
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