
चुनाव आयोग सख्त: बंगाल में 6 पुलिस अधिकारी निलंबित, पुनर्मतदान से इनकार
नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ड्यूटी में लापरवाही और पक्षपात के आरोपों पर छह पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। इनमें हिंगलगंज और डायमंड हार्बर क्षेत्र के अधिकारी शामिल हैं। आयोग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। वहीं, 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद बंगाल और तमिलनाडु में किसी भी स्थान पर पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं बताई गई। दोनों राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण रहा और रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई।
नयी दिल्ली : चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी की रिपोर्ट पर राज्य पुलिस के छह अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक करवाई करने के निर्देश दिए हैं।आयोग ने इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई रिपोर्ट भी तालाब की है। आयोग के सचिव ने इस संबंध में बंगाल के मुख्य सचिव को दो पत्र भेजे हैं। 23 अप्रैल को लिखे गए एक पत्र में हिंगलगंज थाने के थाना प्रभारी संदीप सरकार को निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। उन पर भेदभाव और स्थानीय तत्वों से साठगांठ करने तथा सबको बराबरी का अवसर देने में विफल रहने का आरोप है।
आयोग ने श्री सरकार की जगह थाने में दूसरा प्रभारी नियुक्त किए जाने को भी कहा है।आयोग ने इसी तरह डायमंड हार्बर जिला क्षेत्र के पांच अधिकारियों के खिलाफ भी चुनाव के दौर में ड्यूटी के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबन और अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं।इन अधिकारियों में डायमंड हार्बर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गराई, उप पुलिस अधीक्षक सजल मंडल, डायमंड हार्बर थाने के प्रभारी मौसम चक्रवर्ती, फाल्टा थाने के प्रभारी अजय बाग और उस्ती पुलिस थाने की प्रभारी शुभेच्छा बाग शामिल हैं।
बंगाल और तमिलनाडु में नहीं की गयी है पुनर्मतदान की सिफारिशः आयोग
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभाओं के चुनाव के लिए 23 अप्रैल को हुए मतदान के संबंध में किसी भी स्थान पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गयी है।यह जानकारी शनिवार को यहां चुनाव आयोग के अधिकारियों ने दी। पश्चिम बंगाल में 294 सदस्य विधानसभा के पहले चरण के चुनाव में 152 सीटों के लिए 44376 मतदान केन्द्रों पर इस सप्ताह गुरुवार को वोट डाले गये थे। कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा ।वहीं, तमिलनाडु में एक ही बार में सभी 234 विधानसभा सीटों पर चुनाव संपन्न कराया गया। इसके लिए 75064 मतदान केंद्र बनाए गए थे। दोनों ही राज्यों में मतदान के नये रिकॉर्ड स्थापित हुए हैं।(वार्ता)



