बरेका ने रचा इतिहास: 572 रेल इंजनों का रिकॉर्ड उत्पादन
वाराणसी स्थित बरेका ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 572 रेल इंजनों का निर्माण कर नया रिकॉर्ड बनाया। महाप्रबंधक आशुतोष पंत के नेतृत्व में उत्पादन में 20% वृद्धि दर्ज हुई। आधुनिक तकनीक, निर्यात और ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुईं, जिससे भारतीय रेल की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली और बरेका की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई।
- महाप्रबंधक आशुतोष पंत के नेतृत्व में 20% वृद्धि, 2025-26 में अब तक का सर्वाधिक निर्माण
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय रेल के औद्योगिक इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महाप्रबंधक आशुतोष पंत के नेतृत्व में बरेका ने इस वर्ष कुल 572 रेल इंजनों का निर्माण कर अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया है।

यह उपलब्धि बरेका की अत्याधुनिक तकनीकी क्षमता, कुशल प्रबंधन और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का प्रत्यक्ष प्रमाण मानी जा रही है।
पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां 477 रेल इंजनों का निर्माण किया गया था, वहीं 2025-26 में उत्पादन बढ़कर 572 तक पहुंच गया। इस प्रकार उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो न केवल बरेका बल्कि पूरे भारतीय रेल परिवार के लिए गर्व का विषय है।
उत्पादन का विस्तृत विवरण
इस वर्ष निर्मित 572 लोकोमोटिव में-
- 558 विद्युत लोकोमोटिव (भारतीय रेलवे हेतु)
- WAG-9 (मालवाहक) – 401
- WAP-7 (यात्री वाहक) – 143
- अमृत भारत लोको – 14
- 10 डीजल लोकोमोटिव (मोजांबिक निर्यात हेतु)
- 04 डीजल लोकोमोटिव (घरेलू उपयोग हेतु)
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि 553 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 558 लोकोमोटिव का निर्माण कर बरेका ने लक्ष्य से लगभग 1 प्रतिशत अधिक उपलब्धि हासिल की है।
गौरवशाली उत्पादन यात्रा
स्थापना से अब तक बरेका कुल 11,259 रेल इंजनों का निर्माण कर चुका है, जिनमें 2,925 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल हैं। यह आंकड़ा भारतीय रेल की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में बरेका की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
आधुनिक तकनीक और चालक सुविधा पर फोकस
बरेका द्वारा निर्मित लोकोमोटिव में चालक दल की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। प्रमुख सुविधाएं-
- वाटरलेस यूरिनल
- सीएलआई (CLI) सीट
- सिग्नल एक्सचेंज लाइट
- डीपीडब्ल्यूसीएस प्रणाली
- ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली
इन सुविधाओं के चलते बरेका को प्रोडक्शन यूनिट श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ लोको कैब का प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा प्रदर्शन
यूरोपियन संस्था UNIFE द्वारा बरेका को IRIS (ISO 22163) सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र लगातार दूसरी बार प्रदान किया गया है। यह सम्मान गुणवत्ता, विश्वसनीयता और वैश्विक मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी
बरेका उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है-
- वर्षा जल संचयन के लिए तालाब और सोक पिट का निर्माण
- 3874 किलोवाट-पीक क्षमता का सोलर पावर प्लांट
- 41.76 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पादन
- कुल ऊर्जा खपत का लगभग 19.87% सौर ऊर्जा से पूर्ति
- लगभग 1.58 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत
- राजभाषा हिंदी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट कार्य के लिए बरेका को रेलवे बोर्ड द्वारा “रेल मंत्री राजभाषा शील्ड” से सम्मानित किया गया है।
आगे के लक्ष्य
रेल मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बरेका को 642 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का लक्ष्य सौंपा है।
इस उपलब्धि पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने टीम बरेका के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता कर्मठता, तकनीकी दक्षता और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि बरेका आने वाले वर्षों में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
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