Varanasi

जेवर एयरपोर्ट से पूर्वांचल को नई उड़ान: वाराणसी समेत कई जिलों के लिए बढ़ेगी कनेक्टिविटी

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पूर्वांचल के वाराणसी सहित कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और रोजगार को गति मिलेगी। किसानों, बुनकरों और उद्योगों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, वहीं यात्रियों के लिए समय की बचत के साथ नए यात्रा विकल्प भी उपलब्ध होंगे।

  • वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर के साथ ही अन्य जिलों की दूरी कम करने के साथ ही समय की होगी बचत

वाराणसी : जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए यात्रा और व्यापार को नया पंख मिलेगा। यहां से हवाई यात्राएं प्रारंभ होने के बाद पूर्वांचल से पश्चिम की दूरी कम होगी। इस एयरपोर्ट के प्रारंभ होने से वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर के साथ ही अन्य जिलों की दूरी कम होगी और समय की बचत होगी। जेवर एयरपोर्ट से धार्मिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल को भी नई गति मिलेगी। पूर्वांचल के लोगों को पश्चिमी यूपी के शहर जैसे आगरा, मेरठ और ग्रेटर नोएडा ज्यादा नजदीक और सुलभ हो जाएंगे। इससे वाराणसी और आसपास के जिलों के यात्रियों को यात्रा के नए विकल्प मिलेंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (दिल्ली) पर निर्भरता ख़त्म होगी। यह एयरपोर्ट टूरिज्म, व्यापार, रोजगार और कनेक्टिविटी के नए द्वार खोलेगा। आने वाले समय में यह परियोजना पूर्वांचल को राष्ट्रीय और वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।

पूर्व से पश्चिमी यूपी की सीधी कनेक्टिविटी से पूर्वांचल के पर्यटन उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने से देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए काशी जैसी धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचना और आसान होगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और सनातन के सबसे बड़े धर्म स्थल काशी के साथ ही तथागत की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ जैसे बौद्ध स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। आने वाले समय में इस परियोजना से पूर्वांचल की तस्वीर और तकदीर बदलने की उम्मीद है। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि विभिन्न एयरलाइन्स द्वारा जेवर एयरपोर्ट के लिए शेड्यूल मिलने पर जल्द उड़ान शुरू की जाएगी।

व्यापार और उद्योग को बढ़ावा

इस एयरपोर्ट के शुरू होने से निर्यातकों और आयातकों के बीच की दूरी घटेगी, कम समय में सीधी कनेक्टिविटी से समय और पैसे दोनों की बचत होगी। इससे बनारसी साड़ी, पूर्वांचल के किसानों, हस्तशिल्पकारों और व्यापारियों को अपने उत्पाद राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। होटल, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और छोटे व्यापारों में भी तेजी आने की संभावना है, जिसका लाभ पूर्वांचल के युवाओं को भी मिलेगा।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश के धार्मिक यात्रा (पर्यटन) को काफी लाभ मिलने वाला है। जेवर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद भारतीय व विदेशी पर्यटकों के लिए मथुरा, आगरा, बटेश्वर, शाकुंभरी देवी, प्रयागराज, अयोध्या, विंध्याचल, उत्तराखंड में चारधाम की यात्रा भी करीब पड़ेगी। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम और अन्य मंदिरो के दर्शन के साथ ही वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट से अपने गंतव्य को जा सकते हैं। बौद्ध परिपथ की यात्रा के लिए भी जेवर एयरपोर्ट सहायक सिद्ध होगा। दक्षिण भारतीय पर्यटक काशी से यात्रा प्रारंभ करके जेवर से अपने गंतव्य को जा सकेंगे।
विश्व भूषण मिश्र, संयुक्त निदेशक धर्मार्थ कार्य विभाग

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कृषि, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन व उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सकेगा। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूर्वांचल के निकट होने से वहाँ हुए विकास का लाभ मिलेगा। किसानों की आय में वृद्धि की संभावना है, क्योंकि फल, सब्जी, डेयरी और सजावटी फूल जैसे उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे। साथ ही पूर्वांचल के उद्योग को भी सीधा अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को शहर के सड़क यातायात में फंसे बिना गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से सीधे और तेजी से हवाई यात्रा करने में मदद मिलेगी। धार्मिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल को भी नई गति मिलेगी।

राहुल मेहता, चेयरमैन राष्ट्रीय पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी कमेटी आईआईए
प्रदेश अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन-यूपी

जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत की समृद्ध विरासत को नई ऊंचाई देगा। प्रदेश के ओडीओपी और जीआई टैग उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधे जुड़ जाएंगे। उत्तर प्रदेश जल्द ही शतक लगाने जा रहा है। वहीं ओडीओपी की योजनाओं और एक जनपद-एक व्यंजन भी साकार रूप ले रहा है, जिसे प्रधानमंत्री जी का विज़न और मुख्यमंत्री योगी जी का दिशा निर्देश मिल रहा है। आने वाले समय में भारत के सबसे प्रमुख राज्य के “क्राफ्ट कुजीन और कल्चर” इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जेवर के द्वारा दुनिया के सभी भूभाग तक पहुंचेंगे, निर्यात बढ़ेगा और लोकल से ग्लोबल का सपना साकार होगा। सही मायने में उत्तर प्रदेश अब अपने दम पर एक ट्रिलियन डॉलर की ऊंचाई को साकार रूप देने जा रहा है, जिससे करोड़ों शिल्पियों, बुनकरों, महिलाओं, किसानों और युवाओं द्वारा निर्मित उत्पाद अपना परचम लहराने को तैयार है। किसानों को भी सीधा बाजार मिलेगा।

पद्मश्री डॉ रजनी कांत, जीआई मैन ऑफ इंडिया

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट मेक इन यूपी और ग्लोबल मार्केट का सेतु बनेगा। इसका गंगा एक्सप्रेसवे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से लिंक, वृहद मल्टीमॉडल कार्गो हब, अंतरराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय उड़ानों से पूर्वांचल तथा पूरे उत्तर प्रदेश के व्यापार तथा उद्योग के लिए अत्यंत लाभदायक होगा।

अनुपम देवा
राष्ट्रीय सचिव
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई आई ए)

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