- ग्रामीण महिलाओं की सशक्त आवाज़ बना ‘संस्कृति बाज़ार’, Yi वाराणसी और CII का संयुक्त प्रयास
आशुतोष गुप्ता
वाराणसी। यंग इंडियन्स (Yi) वाराणसी चैप्टर, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से और कुटुंब ग्राम NGO के संयुक्त प्रयास से “संस्कृति बाज़ार” नामक एक दिवसीय उत्सव का आयोजन कुटुंब ग्राम, चिउरापुर, बाबतपुर, वाराणसी में किया गया। यह आयोजन दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक चला, जिसमें ग्रामीण संस्कृति, हस्तकला और महिलाओं के नेतृत्व वाले लघु उद्योगों का उत्सवपूर्ण प्रदर्शन देखने को मिला।
इस अनोखे कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने अपने हाथों से निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई। उनके स्टॉलों पर हस्तनिर्मित बैग, बनारसी लकड़ी के खिलौने, पारंपरिक दीये, घर की सजावट के आइटम, स्वादिष्ट व्यंजन, अचार, पापड़, ऑर्गेनिक उत्पाद, कुड्डल मिट्टी के बर्तन और अन्य स्थानीय कला उत्पाद उपलब्ध थे। इन सबमें ग्रामीण सृजनशीलता और परंपरागत हुनर का जीवंत मिश्रण झलकता रहा।
कार्यक्रम का माहौल पूरे दिन उल्लास और उत्सव से भरा रहा। कठपुतली शो (KV जनकल्याण ट्रस्ट द्वारा समर्थित), लोकनृत्य, नाटक और संगीत कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मनोरंजन के साथ-साथ पारंपरिक खेलों का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिनमें “बोतल फोड़ो”, “रिंग थ्रो” और “सिक्का बाल्टी में डालो” जैसे खेलों ने ग्रामीण मेले का रंग जमा दिया। वहीं, स्ट्रीट फूड, चाट और मिठाइयों के स्टॉल ने स्वाद का आनंद बढ़ाया।

इस आयोजन के मुख्य अतिथि श्री सत्यं मोहन, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, छावनी परिषद वाराणसी रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बनाते हैं। उन्होंने कुटुंब ग्राम की पहल को ग्रामीण विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और युवाओं को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कुटुंब ग्राम, डॉ. आशीष सिंह की एक अभिनव अवधारणा है, जो सामुदायिक जीवन, सतत विकास और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों पर आधारित है। Yi वाराणसी द्वारा इसे ग्रामीण पहल के अंतर्गत एक सशक्त मंच प्रदान किया गया है, जहां शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक उत्थान को एक साथ जोड़ा गया है।
इस आयोजन के पीछे कई प्रमुख नेतृत्वकर्ता थे, जिनके मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। धवल प्रकाश अग्रवाल (चेयर – Yi वाराणसी), हर्ष जैन (को-चेयर – Yi वाराणसी), गौरव गोयल (चेयर – ग्रामीण पहल), हिमांशु दास (को-चेयर – ग्रामीण पहल) और अविनव पेशवानी (चेयर – उद्यमिता) ने इस कार्यक्रम के समन्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
धवल प्रकाश अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “संस्कृति बाज़ार जैसे आयोजन न केवल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उनकी पहचान और कला को ‘लोकल टू ग्लोबल’ स्तर पर पहुंचाने का माध्यम भी बनते हैं। यह मंच ग्रामीण महिला उद्यमिता की वास्तविक शक्ति को सामने लाने का एक प्रेरक उदाहरण है।”
Yi वाराणसी की “We Can, We Will” सोच का यह आयोजन एक सशक्त प्रमाण बनकर उभरा, जिसने परंपरा, उद्यमिता और समुदाय को एक सूत्र में पिरो दिया। ग्रामीण भारत की जीवंत आत्मा और महिलाओं की रचनात्मक ऊर्जा से भरा “संस्कृति बाज़ार” इस बात का प्रतीक बन गया कि परिवर्तन की असली शुरुआत जड़ों से होती है – और जब ग्रामीण महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो समाज की दिशा भी बदलती है।
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