नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ टेलीफोन पर बात की तथा गाज़ा के अल अहली अस्पताल पर हमले में नागरिकों की माैत पर संवेदना व्यक्त करने के साथ ही फिलिस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता भेजना जारी रखने का आश्वासन दिया।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, “फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की। गाजा के अल अहली अस्पताल में नागरिकों की मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की। हम फ़िलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता भेजना जारी रखेंगे।
”श्री मोदी ने यह भी कहा, “क्षेत्र में आतंकवाद, हिंसा और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर अपनी गहरी चिंता साझा की। इज़रायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की लंबे समय से चली आ रही सैद्धांतिक स्थिति को दोहराया।”इससे पहले विदेश मंत्रालय की नियमित ब्रीफिंग में मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इज़रायल हमास संघर्ष के बारे में तमाम सवालों के जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की टिप्पणियों के साथ-साथ विदेश मंत्रालय के वक्तव्य में हमने इज़रायल पर हुए भीषण आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है, और हमारा मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से निपटने में एक साथ खड़ा होना चाहिए।
प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक फ़िलिस्तीन का संबंध है, हमने इज़रायल के साथ शांति से कंधे से कंधा मिलाकर सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर रहने वाले एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फ़िलिस्तीन देशकी स्थापना के लिए सीधी बातचीत फिर से शुरू करने की वकालत करने की अपनी दीर्घकालिक स्थिति को दोहराया है।श्री बागची ने कहा, “हमने जारी संघर्ष के कारण नागरिकों के हताहत होने पर भी अपनी चिंता व्यक्त की है। हम इससे उत्पन्न मानवीय स्थिति को लेकर भी चिंतित हैं। हम अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पूर्ण सम्मान और कड़ाई से पालन करने का आग्रह करेंगे।
फिलिस्तीन को मानवीय सहायता के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में प्रवक्ता ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) में महत्वपूर्ण योगदान के माध्यम से फिलिस्तीन और फिलिस्तीनी शरणार्थियों काे सहयोग एवं समर्थन देता रहा है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 और 2023 के बीच यूएनआरडब्ल्यूए में कुल दो करोड़ 95.3 लाख अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया गया है। यूएनआरडब्ल्यूए में भारतीय वार्षिक योगदान 2018 में 12.5 लाख अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 50 लाख अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है। भारत ने अगले दो वित्तीय वर्षों-वर्ष 2023-24 और वर्ष 2024-25 के लिए 50 लाख अमेरिकी डॉलर का वार्षिक योगदान देने का वादा किया है। (वार्ता)
Spoke to the President of the Palestinian Authority H.E. Mahmoud Abbas. Conveyed my condolences at the loss of civilian lives at the Al Ahli Hospital in Gaza. We will continue to send humanitarian assistance for the Palestinian people. Shared our deep concern at the terrorism,…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 19, 2023



