प्रधानमंत्री 17 अक्टूबर को ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट 2023 का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री भारतीय समुद्री नीली अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक रोडमैप 'अमृत काल विजन 2047' का अनावरण करेंगे
- देश के सबसे बड़े समुद्री कार्यक्रम में दुनिया भर से व्यापक भागीदारी देखने को मिलेगी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 17 अक्टूबर, 2023 को सुबह लगभग 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट (जीएमआईएस) 2023 के तीसरे संस्करण का उद्घाटन करेंगे। यह शिखर सम्मेलन 17 से 19 अक्टूबर तक मुंबई के एमएमआरडीए मैदान में आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय समुद्री नीली अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक रोडमैप ‘अमृत काल विजन 2047’ का अनावरण करेंगे। यह रोडमैप बंदरगाह सुविधाओं को बढ़ाने, टिकाऊ कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से रणनीतिक पहल की रूपरेखा तैयार करता है। इस अत्याधुनिक योजना के अनुरूप, प्रधानमंत्री 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पित और शिलान्यास रखेंगे, जो भारतीय समुद्री नीली अर्थव्यवस्था के लिए ‘अमृत काल विजन 2047’ के अनुरूप हैं।
प्रधानमंत्री गुजरात में दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण में 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित होने वाले टूना टेकरा ऑल वेदर डीप ड्राफ्ट टर्मिनल की आधारशिला रखेंगे। इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड टर्मिनल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से विकसित किया जाएगा। इस टर्मिनल के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र के रूप में उभरने की संभावना है। यह टर्मिनल 18 हजार टीईयू (बीस फुट के बराबर इकाई) से अधिक भावी पीढ़ी के जहाजों का रख-रखाव करेगा, और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईईसी) के माध्यम से भारतीय व्यापार के लिए प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री समुद्री क्षेत्र में वैश्विक और राष्ट्रीय साझेदारी के लिए 7 लाख करोड़ से अधिक के 300 से अधिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी समर्पित करेंगे।
यह शिखर सम्मेलन देश का सबसे बड़ा समुद्री कार्यक्रम है। इसमें यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, एशिया (मध्य एशिया, मध्य पूर्व और बिम्सटेक क्षेत्र सहित) देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले दुनिया भर के मंत्री भाग लेंगे। शिखर सम्मेलन में दुनिया भर से वैश्विक सीईओ, व्यापारिक नेता, निवेशक, अधिकारी और अन्य हितधारक भी भाग लेंगे। इसके अलावा, शिखर सम्मेलन में कई भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी किया जाएगा।
तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में भावी बंदरगाहों सहित समुद्री क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करने; तटीय शिपिंग और अंतर्देशीय जल परिवहन; जहाज निर्माण; मरम्मत और पुनर्चक्रण; वित्त, बीमा और मध्यस्थता; समुद्री क्लस्टर; नवाचार एवं प्रौद्योगिकी; समुद्री सुरक्षा और संरक्षा; तथा समुद्री पर्यटन समेत अन्य विषयों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा। यह शिखर सम्मेलन देश के समुद्री क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच भी प्रदान करेगा।
पहला मैरीटाइम इंडिया शिखर सम्मेलन 2016 में मुंबई में आयोजित किया गया था। दूसरा समुद्री शिखर सम्मेलन वर्चुअल माध्यम से 2021 में आयोजित किया गया था।
अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन से हो रहा है बड़ा परिवर्तन: मोदी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों की बदलती तस्वीर के महत्व की पुष्टि की है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन पर लिखे गए एक लेख के बारे में प्रधानमंत्री ने अंतर्देशीय जलमार्गों को पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी परिवहन के साधन के रूप में उभरने की बात कही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया;
“केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल लिखते हैं कि किस तरह 2014 के बाद अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है और साथ ही पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी परिवहन के साधन के रूप में उभर रहा है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं का आह्वान है कि वे देश का नेतृत्व करें: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर जोर दिया है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के एक लेख के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया;
“केंद्रीय मंत्री, श्री @kihanreddybjp, ने अपने आलेख में बताया है कि हाल में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम किस तरह महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक है और महिलाओं के लिए आह्वान है कि वह देश का नेतृत्व करें और उसे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएं।”
Union Minister, Shri @sarbanandsonwal, narrates how post 2014, inland waterways transport is proving to be a game-changer as well as emerging as an environment friendly and cost-effective mode of transportation. https://t.co/oDzOgp6y52 pic.twitter.com/lkYd6pR5Ko
— PMO India (@PMOIndia) October 16, 2023
Union Minister, Shri @kishanreddybjp, writes how the recently passed Nari Shakti Vandan Adhiniyam is a symbol of empowerment and a call for women to lead our nation towards a brighter future. https://t.co/9cjhUud0mB
— PMO India (@PMOIndia) October 16, 2023



