उज्ज्वला लाभार्थियों को अब प्रति सिलेंडर 300 रुपये मिलेगी सब्सिडी
तेलंगाना में सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन की स्वीकृति
नयी दिल्ली : विधानसभा चुनावों और त्योहारी सीजन से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी राशि 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति एलपीजी सिलेंडर करने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुयी मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये निर्णयों की जानकारी देते हुये सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने हमारे देश की महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आज के फैसले से उन्हें फायदा होगा।
”उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत अब तक प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी मिल रही थी। पिछले महीने सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये की कमी थी । इस तरह अब उज्जवला लाभार्थियों को एक सिलेंडर पर 500 रुपये की बचत होगी।
सम्मक्का सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन की स्वीकृति
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तेलंगाना में सम्मक्का सरक्का केंद्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 में संशोधन के केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन), विधेयक, 2023 को संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई।
बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की तेरहवीं अनुसूची के अनुसार तेलंगाना राज्य के मुलुगु जिले में विश्वविद्याल स्थापित होगा।विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 889.07 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नया विश्वविद्यालय न केवल राज्य में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाएगा और गुणवत्ता में सुधार करेगा, बल्कि आदिवासी आबादी के लाभ के लिए आदिवासी कला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली में निर्देशात्मक और अनुसंधान सुविधाएं प्रदान करेगा तथा उच्च शिक्षा और उन्नत ज्ञान को भी बढ़ावा देगा। यह नया विश्वविद्यालय अतिरिक्त क्षमता भी तैयार करेगा और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने का प्रयास करेगा।
अंडमान, लक्ष्यद्वीप,दादर नगर हवेली के लिए किरायेदारी विनियमन 2023 को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, दादरा नगर हवेली तथा दमन दीव और लक्षद्वीप किरायेदारी विनियमन 2023 को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह किरायेदारी विनियमन 2023, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव किरायेदारी विनियमन, 2023 तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 240 के अंतर्गत लक्षद्वीप किरायेदारी विनियमन, 2023 को लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
मंत्रिमंडल ने अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, दादरा नगर हवेली तथा दमन और दीव किरायेदारी विनियमन और लक्षद्वीप किरायेदारी विनियमन, मकान मालिक और किरायेदार दोनों के हितों और अधिकारों को संतुलित करके केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, दादरा और नगर हवेली तथा दमन दीव और लक्षद्वीप में किसी परिसर को किराए पर देने के लिए जवाबदेह और पारदर्शी व्यवस्था को कानूनी ढांचा प्रदान करेंगे।सरकार का मानना है कि इससे विनियम किराये के बाजार में निजी निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, प्रवासियों, औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों, पेशेवरों, छात्रों आदि सहित समाज के विभिन्न आय वर्गों के लिए पर्याप्त किराये के आवास उपलब्ध हो सकेंगे।
इससे गुणवत्तापूर्ण किराये के आवास उपलब्ध होने में भी मदद मिलेगी और किराये के आवास बाजार को धीरे-धीरे औपचारिक बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा जो केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव और लक्षद्वीप में एक जीवंत, स्थाई और समावेशी किराये के आवास बाजार का निर्माण करेगा।(वार्ता)



