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भारत के पास विश्व को उपचारात्मक स्पर्श देने,शांति, समृद्धि के पथ लाने का शानदार अवसरः अमिताभ

नयी दिल्ली : वैश्विक चुनौतीपूर्ण समय में जी-20 की अध्यक्षता मिलना भारत के लिए दुनिया को एक उपचारात्मक स्पर्श देने तथा शांति और समृद्धि के पथ पर लाने का शानदार अवसर है।जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने मंगलवार को यहां पीएचडी हाउस में जी 20 पर आयोजित एक इंटरएक्टिव सत्र को संबोधित करते कहा कि जी 20 विकसित और विकासशील देशों का प्रभावशाली मिश्रण है और भारत वैश्विक चुनौतियों के बीच जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण कर रहा है। ऐसे समय में हम अपनी प्रभावशाली कार्रवाइयों से हर चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के लिए अनुसरणीय एजेंडा तय करेगा। यह भारत के लिए वैश्विक रिवायत को आकार देने और भारतीय दृष्टि प्रदान करने का एक बहुत ही अनूठा अवसर है।नीति आयोग के पूर्व कार्यकारी अधिकारी एवं 1980 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कांत ने कहा कि चुनौतियों के समय में भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलना दुनिया को एक उपचारात्मक स्पर्श देने और शांति तथा समृद्धि के पथ पर लाने के लिए एक शानदार अवसर है।उन्होंने कहा, “व्यवहारिक परिवर्तन, हरित ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन और वित्तीय समावेशन उन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं, जिन पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, क्योंकि हमें सभी के लिए एक समान मंच बनाने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि जी-20 का पल भारत के लिए एक ऐसा मौका है, जहां भारत एक अंतरराष्ट्रीय एजेंडा निर्मित कर सकता है। और उसे आगे बढ़ा सकता है। ये एजेंडा है – ‘लाइफ’ (पर्यावरण के लिए लाइफस्टाइल), डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, महिला सशक्तिकरण और तकनीक आधारित विकास पर ध्यान देते हुए समावेशी, न्यायसंगत और स्थायी विकास को आगे की ओर रखना।उन्होंने कहा कि तेजी से ध्रुवीकृत हो रही वैश्विक व्यवस्था में इन प्राथमिकताओं को उभारना कोई आसान काम नहीं है। जी-20 की भारतीय अध्यक्षता ऐसे समय पर आई है जब कुछ अन्य वैश्विक चिंताओं का ग्रहण लगा हुआ है। ये चिंताएं रूस और यूक्रेन युद्ध के दुष्परिणामों और व्यापक आर्थिक मंदी से लेकर विकासशील देशों को प्रभावित करने वाले गंभीर ऋण संकट हैं। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की पृष्ठभूमि में देखें, तो कोविड-19 महामारी के कारण तात्कालिक आपदा शमन प्रयासों से दशकों की विकास संबंधी प्रगति में भारी बाधा पड़ी है। ऐसे में सतत विकास को लेकर भारत का विजन ही इस वक्त की जरूरत है, जो कि वैश्विक अंतर्संबंधों, साझा जिम्मेदारी और एक सर्कुलर इकोनॉमी में निहित है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जी-20 के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया, जो जीवन के लिए प्रो प्लेनेट दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है जो प्रकृति के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि हम भारतीयों ने हमेशा माना है कि पृथ्वी माता है और हम उसके बच्चे हैं।उन्होंने कहा कि जी 20 हमारा थीम और लोगो हमारी प्राचीन सभ्यता से लिया गया है क्योंकि हम विविधता में एकता में विश्वास करते हैं और यह एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य का प्रतीक है।इस मौके पर पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष साकेत डालमिया ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता मिलना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि पीएचडीसीसीआई जी-20 एजेंडे को पूरा करने में सरकार का समर्थन करने में योगदान देना चाहेगा।(वार्ता)

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