काशी में बनेगा ‘वंदे मातरम वाटिका’, जानिए पूरी योजना
वाराणसी में योगी सरकार के पौधरोपण अभियान-2026 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट वनों की स्थापना की जा रही है। वंदे मातरम वाटिका, रक्षाबंधन वाटिका, एक पेड़ गुरु के नाम, समृद्धि वन, समरस वन, कपि वन, ऊर्जा वन और औषधि वन जैसी पहलें पर्यावरण संरक्षण के साथ जनसहभागिता, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देंगी। 15 अगस्त को सेंट्रल जेल भूमि, शिवपुर में 150 पौधों के रोपण से वंदे मातरम वाटिका स्थापित की जाएगी। अभियान काशी को हरित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वाराणसी : योगी सरकार पौधरोपण अभियान-2026 के अंतर्गत काशी में विभिन्न स्थानों पर “विशिष्ट वन” विकसित कर रही है। यह पहल केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में यह अभियान लोगों के बेहतर भविष्य और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
प्रभागीय वन अधिकारी निधि चौहान ने बताया कि “विशिष्ट वनों” का उद्देश्य समाज की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ना है। मानव-वानर संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से “कपि वन” की स्थापना शहर की आबादी से बाहर फलदार प्रजातियों के पौधरोपण के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा “समृद्धि वन”,“भाई-बहन वृक्षारोपण (रक्षाबंधन वाटिका)”,“वंदे मातरम वाटिका” और “एक पेड़ गुरु के नाम” जैसे कार्यक्रम राष्ट्रीयता, सामाजिक रिश्तों, सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों को सशक्त करने का संदेश देंगे।
लगाए जाने वाले विशिष्ट वन
1. वंदे मातरम वाटिका
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रत्येक जनपद में 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर वृहद कार्यक्रम का आयोजन कर 150 पौधों का रोपण कर वंदे मातरम वाटिका की स्थापना की जाएगी। रोपण हेतु ऐसी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो वंदे मातरम आंदोलन में लगे स्वतंत्रता सेनानियों की प्रिय रही हों।
-दिनांक – 15.08.2026
-स्थान – सेंट्रल जेल भूमि (शिवपुर)
-पौधों की प्रजातियां – नीम, कंजी, शीशम, बकैन, अमरुद आम, अर्जुन सैलेक्स सिरस, जंगल जलेबी, कटसागौन, सागौन
-पौधों की संख्या – 150
2. भाई-बहन वृक्षारोपण- (रक्षाबंधन वाटिका)
-दिनांक – 28.08.2026
-स्थान – सेवा भारतीय विद्यालय
पौधों की प्रजातियां – बरही नेवादा ग्राम समाज
-पौधों की संख्या – 2500
3. “एक पेड़ गुरु के नाम” – गुरु-शिष्य परंपरा की मजबूत होंगी जड़ें
शिक्षक दिवस के अवसर पर “एक पेड़ गुरु के नाम” पौधरोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि यह शिक्षकों के प्रति सम्मान और सामाजिक समरसता को भी प्रोत्साहित करेगा।
दिनांक – 05.09.2026
-स्थान – सेवा भारतीय विद्यालय, वुनियादी सिरिहिरा
-पौधों की प्रजातियां – शीशम, सागौन, महुआ, अर्जुन, नीम, कटहल
-पौधों की संख्या – 2500
विशिष्ट वनों की श्रृंखला में स्थापित वन
1. महर्षि चरक औषधि वन
आयुर्वेद विशेषज्ञ और चिकित्सक महर्षि चरक की स्मृति में औषधीय प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया
-स्थान-बाराडीह ग्राम समाज व तालाब
-पौधों की प्रजातियां-सहजन, आवला, हर्रे, बहेड़ा एवं नीम
-पौधों की संख्या-1600
2.समरस वन
समाज में समरसता की स्थापना के लिए स्थानीय प्रजातियों का पौधरोपण।
-स्थान – अजईपुर ग्राम समाज
-पौधों की प्रजातियां- आम, नीम, जामुन एवं सहजन
-पौधों की संख्या-135
3. समृद्धि वन
स्थानीय कृषि वानिकी और औद्योगिक प्रजातियों के पौधों का रोपण कर वानिकी से होने वाले लाभों एवं पर्यावरण संरक्षण के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
-स्थान-सिरहिरा ग्राम समाज
-पौधों की प्रजातियां – सागौन, शीशम, आम, महुआ, महोगनी एवं अमरूद
-पौधों की संख्या – 2500
4. कपि वन
शहरों में मानव-वानर द्वंद्व को कम करने के उद्देश्य से शहर की आबादी के बाहर फलदार प्रजातियों का रोपण कर कपि वन की स्थापना।
-स्थान – डोमरी डीह बाबा तालाब करसड़ा
-पौधों की प्रजातियां – बड़हल, आम, जामुन, अमरूद, बेल गूलर, कटहल, बेल, पीपल, शहतूत एवं अंजीर
-पौधों की संख्या-2500
5. ऊर्जा वन
वैश्विक ऊर्जा संकट के दृष्टिगत जलौनी लकड़ी की अनवरत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तीव्र गति से बढ़ने वाली प्रजाति का वन।
-स्थान – थाने ,ग्राम समाज
-पौधों की प्रजातियां – सिरस, बबुल, गुटेल एवं कदम्ब
-पौधों की संख्या – 2500
विशिष्ट वनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनसहभागिता, सामाजिक समरसता, स्वास्थ्य, समृद्धि एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पहल संतुलित एवं सतत सामाजिक-पर्यावरणीय व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निधि चौहान ,प्रभागीय वन अधिकारी, वाराणसी
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