पर्यटन सेवा नियमावली-2025 लागू, 14 जिला अस्पतालों के आधुनिकीकरण हेतु 9.80 करोड़ की स्वीकृति
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन व स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाए हैं। पर्यटन विभाग में संरचनात्मक सुधार करते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली–2025 का प्रख्यापन किया गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 14 जिला अस्पतालों के आधुनिकीकरण हेतु 9.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन अस्पतालों में आधुनिक निदान उपकरण स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों को त्वरित, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी तथा बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
- पर्यटन सम्वर्ग में नई नियमावली लागू, सीधी भर्ती व पदोन्नति दोनों माध्यमों से भरे जाएंगे पद
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग में संरचनात्मक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप, पर्यटन विभाग में व्यापक संरचनात्मक सुधार करते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली-2025 का प्रख्यापन किया गया है। नई नियमावली के लागू होने से पूर्व के सभी नियम, आदेश तथा दिशा-निर्देश अवक्रमित हो गए हैं।
नई नियमावली से भर्ती प्रक्रिया हुई सुदृढ़
नई प्रख्यापित नियमावली के तहत पर्यटन अधीनस्थ सेवा सम्वर्ग में प्रकाशन अधिकारी, अपर जिला पर्यटन अधिकारी तथा पर्यटन सूचना अधिकारी के पद अब सीधी भर्ती तथा पदोन्नति दोनों माध्यमों से भरे जाएंगे। विभाग के अनुसार, प्रकाशन अधिकारी के पदों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा, जबकि पर्यटन सूचना अधिकारी के पदों की भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के द्वारा की जाएगी। नई व्यवस्था से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व प्रतिस्पर्धात्मक होने की उम्मीद है।
सेवा संरचना में व्यापक प्रावधान
नई नियमावली में नियुक्ति, सेवा शर्तों, पदोन्नति, अर्हता तथा वरिष्ठता सहित अन्य प्रशासनिक प्रावधानों का भी समावेश किया गया है। प्रमुख सचिव पर्यटन, अमृत अभिजात ने कहा कि यह नियमावली पर्यटन विभाग में एक समन्वित, सक्षम व आधुनिक सेवा संरचना सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि इन सुधारों से प्रदेश में पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी।
बलरामपुर, बस्ती, इटावा, रायबरेली और महराजगंज समेत यूपी के 14 जिला अस्पतालों का होगा आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए प्रदेश के 14 सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित करने के लिए 9.80 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल का विशेष फोकस उन जिलों पर है, जहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, डॉयगनोस्टिक उपकरणों की उपलब्धता कम है। इस पहल का विशेष लाभ ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा, जिससे उन्हें अपने ही जिले में सस्ता, आधुनिक और त्वरित इलाज मिल सकेगा। साथ ही इस प्रयास से बड़े शहरों के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेषतौर पर प्रदेश के उन 14 जिलों, जहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, में आधुनिक उपकरणों की खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 9.8 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। स्वीकृत राशि में से 2.70 करोड़ रुपये का रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय, साढ़ामऊ बीकेटी को, 1.52 करोड़ रुपये जिला महिला चिकित्सालय, बलरामपुर, 1.56 करोड़ रुपये जिला चिकित्सालय रायबरेली, 1.16 करोड़ रुपये जिला संयुक्त चिकित्सालय महाराजगंज को आवंटित किये गये हैं। तो वहीं जिला संयुक्त चिकित्सालय, बागपत को 28.55 लाख, दीवान शत्रुघ्न सिंह संयुक्त चिकित्सालय, हमीरपुर को 3.35 लाख, महिला चिकित्सालय हरैया, बस्ती को 8.68 लाख एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला चिकित्सालय, इटावा के लिए 38.96 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। ये धन राशि विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधित उपकरणों, अत्याधुनि जांच मशीनों और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में खर्च किये जाएगें।
इस निवेश का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय स्तर पर दिखाई देगा। जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों की स्थापना से जांच का समय घटेगा, मरीजों को सस्ता व त्वरित इलाज मिल सकेगा। सीटी स्कैन, एक्स-रे और अन्य उन्नत मशीनों से कैंसर या हृदय रोग जैसे गंभीर मामलों का तत्काल निदान संभव हो सकेगा एवं रेफरल केसों में कमी आयेगी। जो कि प्रदेश की राजधानी, लखनऊ एवं अन्य बड़े शहरों के केंद्रीय अस्पतालों पर पड़ने वाले मरीजों के दबाव में भी कमी लायेगा। यही नहीं डब्लूएचओं के मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित यूपी- 2047 के विजन की व्यापक स्वास्थ्य नीति का हिस्सा है। जिसके तहत सरकार का लक्ष्य यूपी के हर जिले में अत्याधुनिक स्वास्थ्य की सुविधाओं का विकास करना है। प्रदेश के जिन जिलों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है, वहां के जिला चिकित्सालयों को आधुनिक तकनीकि युक्त उपकरणों, डॉयग्नोस्टिक सुविधाओं से लैस करना है। जिससे ग्रामीण व गरीब लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सस्ती व अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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