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भारत की स्थिति को लेकर पूरी दुनिया चिंतित थी, आज कोरोना से भारत की लड़ाई दुनियाभर को कर रही प्रेरित: पीएम मोदी

श्री रामचंद्र मिशन के 75 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘योग और ध्यान’ से संबंधित संदेश दिया। पीएम मोदी ने इस अवसर पर संबोधन के दौरान श्रीराम चंद्र मिशन के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रनिर्माण में समाज को मजबूती से आगे बढ़ाने में 75 वर्ष का यह पड़ाव बेहद अहम है। लक्ष्य के प्रति आपके समर्पण का ही परिणाम है कि आज ये यात्रा 150 से ज्यादा देशों में फैल चुकी है।

बंजर जमीन को कान्हा शांतिवनम में कर दिया परिवर्तित

पीएम मोदी ने कहा वसंत पंचमी के इस पावन पर्व पर आज हम गुरु रामचद्र जी की जन्म जयंति का उत्सव मना रहे हैं। आप सभी को बधाई के साथ ही मैं बाबू जी को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं आपकी अद्भुत यात्रा के साथ ही आपके नए मुख्यालय कान्हा शांतिवनम के लिए भी बहुत बधाई देता हूं। मुझे बताया गया कि जहां पर कान्हा शांतिवनम बना है वह पहले एक बंजर जमीन थी। आपके उद्यम और समर्पण ने इस बंजर जमीन को कान्हा शांतिवनम में परिवर्तित कर दिया है। ये शांतिवनम बाबूजी की सीख का जीता जागता उदाहरण है। आप सभी ने बाबू जी से मिली प्रेरणा को करीब से महसूस किया है। जीवन की सार्थकता प्राप्त करने के लिए उनके प्रयोग, मन की शांति प्राप्त करने के लिए उनके प्रयास हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

विश्व को योग और ध्यान के कौशल से परिचित करा रहे हैं जो मानवता की बहुत बड़ी सेवा है

पीएम ने कहा आज की इस 2020 वाली दुनिया में गति पर बहुत जोर है। लोगों के पास समय की कमी है। ऐसे में सहज मार्ग के जरिए आप लोगों को स्फूर्त और आध्यात्मिक ढंग से स्वस्थ रखने में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। आपके हजारों वॉलंटीयर और ट्रेनर पूरे विश्व को योग और ध्यान के कौशल से परिचित करा रहे हैं। यह मानवता की बहुत बड़ी सेवा है। आपके ट्रेनर और वालंटियर ने विद्या के असली अर्थ को साकार किया है। कमलेश जी तो ध्यान और आध्यात्म की दुनिया में दाजी के नाम से विख्यात है। कमलेश जी के बारे में यही कह सकता हूं कि वे पश्चिम और भारत की अच्छाइयों का संगम है। आपके आध्यात्मिक नेतृत्व में श्री रामचंद्र मिशन पूरी दुनिया और खासकर युवाओं को स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन की तरफ प्रेरित कर रहा है।

विश्व के लिए आशा की किरण की तरह ‘श्री रामचंद्र मिशन’

उन्होंने यह भी कहा कि आज विश्व भागम-भाग वाली जीवनशैली से उपजी अनेक बीमारियों से लेकर महामारी और अवसाद से लेकर आतंकवाद तक की परेशानियों से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में सहज मार्ग, हार्ट फुलनेस कार्यक्रम और योग विश्व के लिए आशा की किरण की तरह है। हाल के दिनों में आम जिंदगी की छोटी-छोटी सतर्कता से कैसे बड़े संकटों से पार पाया जाता है इसका उदाहरण पूरी दुनिया ने देखा है। हम सभी इस बात के भी साक्षी हैं कि कैसे 130 करोड़ भारतीयों की सतर्कता कोरोना की लड़ाई में दुनिया के लिए मिसाल बन गई। इस लड़ाई में हमारे घरों में सिखाई गई बातें, आदतें और योग आयुर्वेद ने भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। इस महामारी की शुरुआत में भारत की स्थिति को लेकर पूरी दुनिया चिंतित थी, लेकिन आज कोरोना से भारत की लड़ाई दुनियाभर को प्रेरित कर रही है।

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