वाराणसी में कचरे पर नया नियम, इन संस्थानों को कराना होगा रजिस्ट्रेशन
वाराणसी नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया है। 20 हजार वर्गमीटर या अधिक फ्लोर एरिया, 40 हजार लीटर प्रतिदिन जल खपत अथवा 100 किलो प्रतिदिन कचरा उत्पादन वाले संस्थान इसके दायरे में आएंगे। होटल, अस्पताल, मॉल, आरडब्ल्यूए, बैंक्वेट हॉल, बाजार और बड़े कार्यालयों को स्रोत पर कचरा पृथक्करण, गीले कचरे का परिसर में प्रसंस्करण और सूखे कचरे की अधिकृत रीसाइक्लर को आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
वाराणसी : शहर में कचरा प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम वाराणसी ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026’ (जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हैं) के अनुपालन में शहर के सभी बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नगर निगम ने इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दी है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार यदि कोई भी संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, परिसर या भवन निम्नलिखित तीन में से किसी एक मानदंड को पूरा करता है, तो उसे बल्क वेस्ट जनरेटर माना जाएगा।
फ्लोर एरिया: 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक।
जल की खपत: 40,000 लीटर प्रति दिन या उससे अधिक।
कचरा उत्पादन: 100 किलोग्राम प्रति दिन या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट का उत्पादन।
दायरे में आने वाले प्रमुख संस्थान: बड़े आवासीय परिसर (RWA), होटल, रेस्तरां, अस्पताल, मॉल, बाजार, बैंक्वेट हॉल, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी व निजी कार्यालय और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान।
पोर्टल पर पंजीकरण और मुख्य जिम्मेदारियां
सभी पात्र बल्क वेस्ट जनरेटरों को केंद्रीयकृत ऑनलाइन पोर्टल [https://swm.cpcb.gov.in/register](https://swm.cpcb.gov.in/register) पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्रतिष्ठानों को कचरा पृथक्करण, प्रसंस्करण और निस्तारण का विवरण दर्ज करना होगा।
बीडब्ल्यूजी के लिए प्रमुख अनिवार्य नियम:
चार श्रेणियों में कचरा अलगाव: स्रोत पर ही गीला, सूखा, सैनिटरी और स्पेशल केयर अपशिष्ट अलग-अलग करना होगा।
परिसर में ही निस्तारण: गीले कचरे का कम्पोस्टिंग या बायो-मिथेनेशन के जरिए परिसर के भीतर वैज्ञानिक निस्तारण करना होगा।
रीसायकलिंग: सूखे कचरे को केवल अधिकृत रीसाइक्लर या एजेंसी को सौंपना होगा।
सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी
नगर निगम वाराणसी ने सभी संस्थानों से अपील की है कि वे अपने परिसर का शीघ्र आकलन करें। यदि वे तय मानकों में आते हैं, तो तत्काल पोर्टल पर पंजीकरण कराएं।
पंजीकरण से संबंधित किसी भी सहायता या जानकारी के लिए नगर निगम ने संपर्क नंबर 7038617118 व 8318737178 जारी किए हैं। इसके अलावा वाराणसी नगर निगम मुख्यालय के कक्ष संख्या 45 में भी संपर्क किया जा सकता है।
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