UP Live

जीरो पावर्टी की पहली लाभार्थी रूबी का बनने लगा सपनों का आशियाना

बोलीं, बरसात में झोपड़ी में टपकता था पानी, गर्मी में छत गर्म तवे की तरह जलती थी, योगी सरकार ने की मदद तो दुश्वारियों से मिला छूटकारा

  • गोसाईगंज के सिलौली गांव की रूबी के परिवार को मुख्य सचिव ने चुना था अभियान का पहला लाभार्थी
  • रूबी के पति रामसागर को पहले ही योगी सरकार दिला चुकी है नौकरी
  • रूबी के पति एलएंडटी में कर रहे नौकरी, 18 हजार से ज्यादा से मिल रही हर माह सैलरी
  • मुख्यमंत्री आवास बनाने के दौरान गुणवत्ता का रखा जा रह पूरा ध्यान, मुख्य सचिव खुद कर रहे मॉनीटरिंग
  • रूबी ने योगी सरकार का जताया आभार, बोली कभी सोच भी नहीं सकती थी कि मेरा एक दिन होगा पक्का घर

लखनऊ : योगी सरकार की जीरो पावर्टी अभियान की पहली लाभार्थी गोसाईगंज की रूबी के सपनों का अाशियाना बनने लगा है। वह अगले कुछ महीनों में झोपड़ी से पक्के मकान में शिफ्ट हो जाएगी। रूबी और उसके पति राम सागर अपने पक्के आशियाना के सपने को साकार होते देखकर काफी खुश हैं। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, कि वह कभी गरीबी के चंगुल से बाहर निकल पाएंगे, लेकिन याेगी सरकार प्रदेश के ऐसे परिवारों के लिए मसीहा बनकर सामने आयी है। लखनऊ के गोसाईगंज की रूबी कभी एक छोटी सी झोपड़ी में जीवन बसर कर रही थीं, लेकिन आज योगी सरकार की मदद से उनका आशियाना आकार ले रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता रही है कि प्रदेश में कोई भी परिवार गरीबी की रेखा के नीचे जीवन न गुजारे। इसी सोच को ज़मीन पर उतारते हुए पिछले वर्ष 2 अक्टूबर काे ‘जीरो पावर्टी अभियान’ की घोषणा की गई थी, जिसकी पहली लाभार्थी रूबी का परिवार बना।

मुख्य सचिव खुद कर रहे रूबी के मकान निर्माण की मॉनीटरिंग

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार के जीरो पावर्टी अभियान के तहत गोसाईगंज के सिलौली गांव की रूबी के लिए बनाए जा रहे पक्के मकान का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले कुछ महीनों में पूरा हो जाएगा। इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुख्य सचिव ने बताया कि वह खुद मकान के निर्माण कार्य समेत अन्य याेजनाओं के लाभ की माॅनीटरिंग कर रहे हैं। रूबी के जीवन में बदलाव केवल मकान तक सीमित नहीं है। इससे पहले योगी सरकार ने उनके पति राम सागर को भी निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी एलएंडटी (L&T)में नौकरी दिलाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया था।

https://cmgtimes.com/indian-army-does-not-take-22-minutes-to-teach-pakistan-a-lesson.html

अब राम सागर 18 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पर एलएंडटी में कार्यरत हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में स्थायित्व आया है। एक ओर जहां राम सागर अब अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर परिवार का भरण-पोषण कर पा रहे हैं, वहीं रूबी खुद को सुरक्षित और सशक्त महसूस कर रही हैं। योगी सरकार की जीरो पावर्टी अभियान का उद्देश्य प्रदेश के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों को चिन्हित कर उन्हें बहुआयामी सहायता प्रदान करना है, ताकि वे गरीबी के कुचक्र से बाहर निकल सकें। इस योजना में सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि रोजगार, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में समग्र सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

बरसात में टपकता था पानी, याेगी सरकार ने की मदद तो बदल गयी जिंदगी

वहीं, रूबी ने योगी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि वह कभी सोच भी नहीं सकती थीं कि उनका भी एक दिन पक्का घर होगा। उन्होंने कहा कि हम झोपड़ी में रहते थे और बरसात में पानी टपकता था। गर्मी में छत गर्म तवे की तरह जलती थी, लेकिन अब पक्के घर में रहने का सपना पूरा होने वाला है और यह सब योगी सरकार की मदद से संभव हो पाया है। इससे मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल गयी है। रूबी की कहानी न केवल योगी सरकार की योजना की सफलता को दर्शाती है, बल्कि लाखों ऐसे परिवारों के लिए प्रेरणा भी है, जो अभी भी गरीबी की जंजीरों में जकड़े हुए हैं।

यह है योगी सरकार का जीरो पावर्टी अभियान

दो अक्टूबर 2024 को अभियान की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी।
25 लाख गरीब परिवारों को अभियान से लाभान्वित करने का है लक्ष्य।
चिन्हित परिवार के मुखिया को गारंटीड नौकरी उपलब्ध कराना योगी सरकार का लक्ष्य।
प्रति परिवार की आय सवा लाख रुपये सालाना करने का लक्ष्य।
13.57 लाख परिवारों को अब तक चिन्हित किया गया।
वर्ष 2025-26 के बजट में 250 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया।
हर गांव से 10 से 25 निर्धन परिवारों काे चिन्हित कर लाभांवित करने का है लक्ष्य।

पाकिस्तान को सबक सिखाने में भारतीय सेना को नहीं लगे 22 मिनट: सीएम योगी

 

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button