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विदेशी मंडियों में बिकेंगे मिर्जापुर के कुंबकार्ट सीडलेस नीबू

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, वहीं छोटे और सीमांत किसानों के लिए बाजार भी मुहैया कराया जा रहा है, जिसका लाभ कई जिलों में दिखने लगा है। यूपी के मिर्जापुर जिले में भी वैज्ञानिक खेती और उन्नत तकनीक के जरिए किसान अपनी आय का स्त्रोत बढ़ा रहे हैं। जिले के किसान पहले टमाटर का उत्पादन कर दूसरे देशों को निर्यात कर चुके हैं और अब यहां का कुंबकार्ट सीडलेस लेमन गुजरात के बाद अब नेपाल की मंडियों में बिकेगा।

दरअसल जिले के राजगढ़ ब्लाक के बघौड़ा गांव में उत्पादित कुंबकार्ट सीडलेस प्रजाति का नीबू सामान्य नीबू से थोड़ा बड़ा और अधिक रसदार होने के कारण फूड प्रोसेसिंग कम्पनियों की पहली पसंद बन गया है। यही वजह है कि अब इसकी मांग न केवल पूर्वांचल के प्रमुख मंडियों और गुजरात की मंडियों में है बल्कि इसका एक्‍सपोर्ट शुरू हो गया है और इस विशेष नीबू ने पहली उड़ान नेपाल के लिए भरी है।

नेपाल की मंडियों में करीब 50 टन कुंबकार्ट सीडलेस नीबू बेंचा जाएगा

पहले जो व्यापारी टमाटर का उत्पादन कर नेपाल आपूर्ति कर रहे थे, अब वहीं व्यापारी नीबू के व्यवसाय से जुड़ गए है। इस वर्ष पहली बार जिले से लगभग 50 टन कुंबकार्ट सीडलेस नीबू नेपाल की मंडियों में बेंचा जाएगा। राजगढ़ ब्लाक के बघौड़ा, करमा, धनसिरिया समेत अन्य गांवों के किसान टमाटर उत्पादक के लिए मशहूर थे। इस ब्लाक के लगभग दो दर्जन गांवों के किसान कुंबकार्ट सीड लेस लेमन की खेती करने लगे हैं। उद्यान विभाग की मदद से लगभग सौ बीघा में नीबू लगवाया गया है। इन बागों से प्रतिवर्ष लगभग पांच सौ मीट्रिक टन नीबू का उत्पादन होता है। इसे किसान पहले पूर्वांचल की प्रमुख मण्डी पहड़िया में बेंचते थे। अब गुजरात के बाद नेपाल में कुंबकार्ट सीड लेस लेमन नेपाल में बेंचा जाएगा।

बागवानी मिशन के तहत कर रहे खेती

जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि बागवानी मिशन के तहत किसानों को पांच वर्ष पहले बागवानी की तरफ लाया गया। इस ब्लाक में नीबू ही नहीं केला की भी खेती करायी गयी है। किसानों की मेहनत का अब लाभ उन्हें मिल रहा है। जिले के लिए यह गौरव की बात है कि यहां का नीबू, टमाटर और अन्य फल पूर्वांचल ही नहीं नेपाल तक बेंचा जा रहा है।

नेपाल में बेहतर कीमत मिलने से व्यापारी उत्साहित

राजगढ़ ब्लाक के बघौड़ा गांव निवासी रामगोविंद सिंह 18 बीघा व सहेंद्र मौर्य दो बीघा नीबू लगवाया है। राम गोविंद सिंह का कहना है कि पहले वाराणसी के पहड़िया मण्डी में नीबू बेंचा जाता था। वहीं से नेपाल में सब्जी और फल भेजने वाले व्यापारियों से सम्पर्क हो गया। अब व्यापारी खेत से ही नीबू खरीद कर सीधे नेपाल और गुजरात भेज देते हैं। पहड़िया मण्डी से बेहतर कीमत मिलने लगा। किसानों को अब नीबू बेंचने के लिए मण्डी नहीं जाना पड़़ता है।

गुजरात से लाया गया है कुंबकार्ट सीडलेस लेमन

कुंबकार्ट सीड लेस लेमन मुख्यतः गुजरात का नीबू है। इसे तीन वर्ष पहले जिले में लाया गया था। इसका विस्तार जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम के प्रयासों से राजगढ़ ब्लाक में हुआ और यहां लगभग सौ बीघा खेत में नीबू लगवाया गया है।

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