
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अवनीश गौतम की अदालत ने शिवपुर थाना क्षेत्र के पिसौर गांव के दहेज हत्या के मामले में आरोपी ससुर मंगला गौड़ और सास सुशीला गौड़ को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर पंद्रह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जबकि पति को दहेज प्रताड़ना का दोषी पाते हुए तीन साल की सजा दी।
एडीजीसी विनय कुमार सिंह के मुताबिक वादी कन्हैयालाल गौड़ नौ जनवरी 2017 को इस आशय की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी कि उसकी पुत्री सोनी उर्फ अनीता की शादी 10 जून 2015 को अरविंद गौड़ निवासी ग्राम पिसौर के साथ हुई थी। शादी के बाद एक लाख रुपये की मांग को लेकर पति, सास-ससुर उसको प्रताड़ित करने लगे। 6 जनवरी 2017 को पुत्री सोनी ने फोन कर बताया कि पति, देवर, सास-ससुर ने काफी मारा पीटा मिट्टी का तेल छिड़ककर जला दिया।
इस सूचना पर जब वादी बीएचयू हॉस्पिटल पहुंचा तो उसे अपेक्स हॉस्पिटल में ले जाकर भर्ती कराया। इस दौरान वह 95 प्रतिशत जल चुकी थी, बाद में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। अदालत ने 11 गवाहों के बयान के बाद अभियुक्त सास-ससुर को दोषी पाया और उम्र कैद की सजा सुना दी। मृतिका ने मृत्यु के पूर्व दिए गए बयान में कहा था कि घटना के समय उसका पति सोया हुआ था, इसी दौरान साथ ससुर ने मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया गया। इस बयान के आधार पर अदालत ने पति को सिर्फ दहेज प्रताड़ना का दोषी पाया और उसे की सजा सुनाई।



