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चुनावों में 1444 करोड़ की नकदी, शराब और नशीले पदार्थ जब्त

विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के दौरान चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1444 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और उपहार सामग्री जब्त की है। आयोग के अनुसार यह आंकड़ा वर्ष 2021 के चुनावों की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा कार्रवाई दर्ज की गई। आयोग ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्ता दल और निगरानी टीमें लगातार सक्रिय रहीं।

नयी दिल्ली : हाल के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर कड़ी निगरानी रखते हुए चुनाव आयोग ने रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई की है। आयोग के अनुसार चुनावी प्रक्रिया को धनबल, शराब, नशीले पदार्थों और मुफ्त उपहारों के प्रभाव से मुक्त रखने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में कुल 1444 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, मादक पदार्थ, कीमती धातुएं तथा अन्य प्रलोभन सामग्री जब्त की गई है। यह कार्रवाई पिछले चुनावों की तुलना में काफी बड़ी मानी जा रही है।

चुनाव आयोग ने बताया कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान कुल 1029.93 करोड़ रुपये की जब्ती हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा लगभग 40.14 प्रतिशत अधिक रहा। आयोग का कहना है कि यह बढ़ोतरी चुनावों में अवैध धन और प्रलोभनों के खिलाफ अपनाई गई सख्त रणनीति और निगरानी व्यवस्था का परिणाम है।

आयोग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में जब्ती के मामलों में सबसे अधिक 68.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं तमिलनाडु में वर्ष 2021 के चुनावों की तुलना में जब्त नकदी और अन्य सामग्री में 48.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। चुनाव आयोग ने इन राज्यों को “अत्यधिक संवेदनशील” श्रेणी में रखते हुए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की थी।

आयोग ने बताया कि चुनावों के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, शराब, नशीले पदार्थ, सोना-चांदी और मतदाताओं को बांटने के लिए रखे गए उपहार बरामद किए गए। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सबसे अधिक कार्रवाई की गई, जहां संयुक्त रूप से 1000 करोड़ रुपये से अधिक की सामग्री जब्त की गई। पश्चिम बंगाल में नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य मुफ्त वस्तुओं की भारी बरामदगी हुई, जबकि तमिलनाडु में सोना, नकदी और अन्य उपहारों की जब्ती उल्लेखनीय रही।

चुनाव आयोग ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हजारों उड़नदस्ता दल (फ्लाइंग स्क्वॉड) और स्थायी निगरानी दल (स्टेटिक सर्विलांस टीम) तैनात किए गए। आयोग के अनुसार पांच हजार से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड और लगभग इतने ही सर्विलांस दल लगातार वाहनों की जांच, सीमा चौकियों पर निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई में जुटे रहे।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि निगरानी और जांच के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां भी बनाई गई थीं। साथ ही ‘सी-विजिल’ एप के माध्यम से आम लोगों और राजनीतिक दलों को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई। आयोग के अनुसार अधिकांश शिकायतों का निस्तारण 100 मिनट के भीतर किया गया।

चुनाव आयोग का कहना है कि चुनावों में धनबल और प्रलोभन की बढ़ती प्रवृत्ति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चुनौती है। आयोग ने संकेत दिया कि आने वाले चुनावों में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि मतदाता बिना किसी दबाव और लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

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