
लखनऊ : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-5 की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक है। इस रिपोर्ट में लड़कियों का लड़कों से अनुपात एनएफएचएस 4 में 995 प्रति 1000 से बढ़कर 1017 प्रति 1000 हो गया है। यानी 1000 लड़कों पर 1017 लड़कियां हैं। लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है, राजस्थान तीसरे, मध्य प्रदेश चौथे व महाराष्ट्र पांचवें नंबर पर है।
महिला कल्याण एवं बाल विकास के निदेशक मनोज राय ने बताया कि प्रदेश में लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 2015 और 2016 के बीच आयोजित एनएफएचएस 4 में 995 के मुकाबले कुल जनसंख्या (प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाएं) का लिंग अनुपात एनएफएचएस -5 में 1017 तक पहुंच गया है। साढ़े 5 साल में प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन से यह संभव हो सका।” उन्होने कहा कि यह आंकड़े बताते हैं कि सरकार लड़कियों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।”



