
दुद्धी, सोनभद्र- भाजपा समर्थित जिला पंचायत एवं बीडीसी प्रत्याशियों की करारी हार पर भाजपा संगठन को विचार करना चाहिए । उक्त बातें भाजयुमो के पूर्व जिला मन्त्री मोहित अग्रहरि ने कहा। उन्होंने कहा कि जिला संगठन ने जिन जिन प्रत्याशियों को टिकट दिया। उन लोगों के बारे मे किसी प्रकार की पूर्व जानकारी नहीं ली गई और ना ही कई कार्यकर्त्ताओं को जानकारी दी गई कि किस कार्यकर्त्ता को टिकट दिया जाये।प्रत्याशी का क्षेत्र में पकड़ व बिना बैकग्राउण्ड जाने टिकट देने घातक सिद्ध हुआ है।यह देखने की जरुरत थी कि टिकट की लाइन में खड़ा कार्यकर्ता पूर्व में चुनाव लड़ा था तो कितना वोट प्राप्त किया था ।
मण्डल अध्यक्ष और जिला महामंत्री ,जिला उपाध्यक्ष बीडीसी का चुनाव हार गए और जिला पंचायत के चुनाव में कई मजबूत माने जाने वाले प्रत्याशी हार गए। जमीन से जुड़कर काम नहीं करने का परिणाम है। ऐसे लोग धरातल पर नही,हवा हवाई सड़कों की राजनीति करते हैं। जनता का काम जमीन पर होना चाहिये, ब्लॉक, अस्पताल, तहसील, थाना से सम्बंधित लोगो की समस्याओं का समाधान होना चाहिये, तब जाकर काम होगा। आज भाजपा के पुराने नेता हाशिये पर चले गए हैं, उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। जब प्रदेश नेतृत्व से निर्देश था कि मंडल अध्यक्ष और जिला के पदाधिकारी चुनाव नही लड़ेंगे तो उन्हें चुनाव क्यो लड़ने दिया गया । जिला पंचायत वार्ड के संयोजक व प्रभारी कितना काम किए और कितने सीट जीते। इसकी जवाबदेही क्यों नहीं तय की जाती। दूसरे दलों से आए लोगो को जिम्मेदारी दी जा रही है और सरकार का मजा वही लोग ही ले रहे हैं।पुराने कार्यकर्त्ताओं और सक्रिय नेताओं को पवेलियन में भेज दिया गया है। इस हार पर जिला व प्रदेश नेतृत्व को विचार करना चाहिए नही तो आगामी 2022 के चुनाव में संगठन को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।




