वाराणसी। भ्रष्टाचार के एक लंबित मुकदमे में फूलपुर (प्रयागराज) के पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया को पुलिस ने नैनी सेंट्रल जेल से लाकर विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पुष्कर उपाध्याय की अदालत में पेश किया। आरोपित को पेश करने के लिए अदालत ने वारंट बी जारी किया था। कपिलमुनि करवरिया हत्या के मुकदमे में नैनी सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
अभियोजन कथानक के अनुसार कपिलमुनी करवरिया सांसद बनने से पूर्व कौशांबी जिला पंचायत तथा चयन समिति के अध्यक्ष थे। वर्ष 2004-05 तथा 2009 में हुई नियुक्तियों में धांधली की शिकायत मिलने पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान द्वारा जांच की गई थी जांच रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि होने के आधार पर मंझनपुर (कौशांबी) के तत्कालीन थाना प्रभारी ने 14 नवंबर 2019 को पूर्व सांसद कपिलमुनी करवरिया के अलावा चयन समिति के सदस्य सुशीला देवी,मधुपति तथा श्रीपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। उक्त मामले में न्यायिक रिमांड बनाने के लिए अदालत ने कपिलमुनी करवरिया को तलब किया था। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा घेरेबंदी में नैनी सेंट्रल जेल से लाकर अदालत में पेश किया। न्यायिक कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस कपिलमुनी को लेकर वापस जेल चली गई।ज्ञात हो कि वर्ष 1996 में सिविललाइंस थाना में दर्ज हत्या के मुकदमे में बीते वर्ष प्रयागराज जिला न्यायालय ने कपिलमुनी करवरिया को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।


