अब कैमरों की निगरानी में होगी काशी की सफाई, कूड़ा वाहनों से गड्ढों और स्ट्रीट लाइटों पर भी रहेगी नजर
स्वच्छ और सुंदर काशी के लक्ष्य को साकार करने के लिए वाराणसी नगर निगम आधुनिक तकनीक का उपयोग करने जा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों में कैमरे लगाए जाएंगे, जिनसे सफाई व्यवस्था, सड़क गड्ढों और दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों की निगरानी होगी। नगर विकास मंत्री एके शर्मा की समीक्षा बैठक में बताया गया कि 22 वार्डों में सीवर और पेयजल परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही शहर में मियावाकी वन और 10 नए थीम पार्क भी विकसित किए जाएंगे।
वाराणसी : स्वच्छ व सुंदर काशी की परिकल्पना को साकार करने के लिए नगर निगम अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों में अब कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के माध्यम से न सिर्फ कूड़ा उठान, बल्कि गलियों की सफाई, सड़कों के गड्ढे और दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों की भी डिजिटल मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
कचहरी स्थित सर्किट हाउस सभागार में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने शहर की सफाई, सीवर और विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि वाहनों में कैमरा लगाने का यह पायलट प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में पांच वार्डों से शुरू किया जा रहा है। बैठक में नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के सभी छोटे-बड़े 386 नालों की सफाई का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। खास बात यह है कि इस वर्ष नालों की सफाई की निगरानी ड्रोन कैमरे से कराई गई है।
दिसंबर-जनवरी तक 22 वार्डों में सुधरेगा सीवर नेटवर्क व पेयजल आपूर्ति
कहा कि रामनगर और सूजाबाद सहित शहर के 22 वार्डों में सीवर नेटवर्क को दुरुस्त करने और शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। प्रथम चरण में पांच वार्डों में काम शुरू किया जा चुका है, जिसे आगामी दिसंबर या जनवरी माह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने बताया कि 128 बड़े नालों में से 100 की सफाई हो चुकी है, वहीं एसके चौधरी ने बताया कि 258 छोटे नालों में से 249 नालों की सफाई पूरी कर ली गई है। शेष आठ नालों का काम भी जल्द पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, मानसून के दौरान जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई टीम का गठन करने का निर्णय लिया गया है। जलकल के महाप्रबंधक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि 72 किमी स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन में से जलकल के अधीन आने वाली 20 किमी लाइन की सफाई हो चुकी है। सीवर लाइनों को सुपर सकर और बकेट मशीनों से साफ किया गया है।
कंचनपुर और सारंग तालाब में विकसित होंगे मियावाकी वन’ बनेंगे 10 थीम पार्क
शहर के सुंदरीकरण को बढ़ावा देने के लिए डोमरी-सूजाबाद की तर्ज पर अब कंचनपुर व सारंग तालाब में भी मियावाकी वन (घने जंगल) विकसित किए जा रहे हैं। नगर विकास मंत्री ने डोमरी-सूजाबाद के मियावाकी वन की सराहना की और निर्देश दिया कि जहां से गारबेज पॉइंट (कूड़े के ढेर) हटाए गए हैं, वहां प्लांटेशन कराकर सुंदरीकरण किया जाए। इसके साथ ही शहर में 10 नए थिमेटिक पार्क विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पार्कों की देखभाल के लिए 110 नए मालियों की नियुक्ति की गई है और निगम अब खुद की नर्सरी भी तैयार कर रहा है।
बैठक में ये रहे मौजूद:
समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त सीमा पांडेय, अमित कुमार, दुर्गेश मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र, स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी, जल निगम के अधीक्षण अभियंता अमित सोनकर सहित नगर निगम, जलकल और जल निगम के सभी आला अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
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