आज के परिवेश में पत्रकारिता एक बड़ी चुनौती : हरीराम चेरो
सोनभद्र के दुद्धी स्थित अथर्व वेंकट हॉल में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब दुद्धी द्वारा सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में पूर्व विधायक हरीराम चेरो सहित कई वक्ताओं ने पत्रकारिता की चुनौतियों, निष्पक्षता और सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए सत्य एवं जनहित के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पत्रकारों और अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
दुद्धी (सोनभद्र)। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब दुद्धी द्वारा अथर्व वेंकट हॉल में एक भव्य सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पत्रकारिता के महत्व, उसकी चुनौतियों तथा समाज में पत्रकारों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक हरीराम चेरो ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। पत्रकारिता का क्षेत्र आज के दौर में अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है और यह कार्य हर किसी के लिए आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के कंधों पर समाज तक सत्य और तथ्यपरक जानकारी पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इस दायित्व का निर्वहन करते समय उन्हें अनेक कठिनाइयों और दबावों का सामना करना पड़ता है, लेकिन एक सच्चा पत्रकार इन चुनौतियों से डटकर मुकाबला करता है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यूं ही नहीं कहा जाता। इसके पीछे पत्रकारों का अथक परिश्रम, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण छिपा होता है। एक पत्रकार अपने व्यक्तिगत हितों की परवाह किए बिना समाज के सजग प्रहरी के रूप में कार्य करता है। आज के समय में मीडिया की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि आम जनता को विश्वास होता है कि सच्चाई अंततः मीडिया के माध्यम से सामने आ जाएगी।
पूर्व विधायक ने प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े सभी पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में तहसीलदार अंजनी गुप्ता, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रामजीत यादव, डॉ. लवकुश प्रजापति, बहन शुभा प्रेम, पूर्व चेयरमैन राजकुमार अग्रहरि, पूर्व जिला जज राजन चौधरी, रामेश्वर राय, रामलोचन तिवारी, रविन्द्र जायसवाल, रामपाल जौहरी, वरिष्ठ पत्रकार ख्वाजा खान सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के लगभग दो सौ वर्षों के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इस लंबी यात्रा में पत्रकारिता ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है। बदलते सामाजिक, राजनीतिक और तकनीकी परिवेश में निष्पक्ष पत्रकारिता करना पहले की अपेक्षा अधिक कठिन हो गया है। इसके बावजूद पत्रकारों को अपने सिद्धांतों, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।
वक्ताओं ने पत्रकारों को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि पत्रकार सत्य, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कमलेश मोहन, चेयरमैन दुद्धी ने कहा कि पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण एवं जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है। वर्तमान समय में आम लोगों को न्याय और अपनी आवाज़ उठाने की अंतिम उम्मीद मीडिया से ही रहती है। ऐसे में पत्रकारों की जवाबदेही और भी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार जगत नारायण विश्वकर्मा ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों एवं पत्रकारों का सम्मान स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।
इस अवसर पर पत्रकार प्रमोद कुमार, देवेश मोहन, रामदास कुशवाहा, प्रभात कुमार, नवीन कुमार, चंद्रसेन पांडेय, श्याम पांडेय, विष्णु अग्रहरि, जितेन्द्र अग्रहरि, भीम जायसवाल, मदन तिवारी, राफे खान, सेराज खान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा, सत्यनिष्ठा बनाए रखने तथा समाजहित में निर्भीक पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
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