प्रख्यात फोटोग्राफर रघु राय का निधन, 83 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
भारत के प्रख्यात फोटोग्राफर रघु राय का 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी जैसी ऐतिहासिक घटनाओं को अपने कैमरे में कैद कर वैश्विक पहचान बनाई। इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा जैसे महान व्यक्तित्वों की उनकी तस्वीरें आज भी ऐतिहासिक दस्तावेज मानी जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
नयी दिल्ली : भोपाल गैस त्रासदी की तस्वीरें क्लिक कर दुनिया का का ध्यान आकर्षित करने वाले प्रख्यात फोटोग्राफर एवं फोटो पत्रकार रघु राय का रविवार सुबह यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 83 साल के थे।श्री राय के पुत्र एवं फोटोग्राफर नितिन राय ने बताया कि उनके पिताजी को दो साल पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिलने लगी थी। फिर कैंसर पेट तक फैल गया, जो ठीक हो गया था।
उन्होंने बताया कि हाल ही में कैंसर श्री राय के मस्तिष्क तक पहुंच गया था और उन्हें उम्र संबंधी अन्य तकलीफें भी होने लगी थीं।कैमरे की नजर से भारत के विविध रंगों और जीवन के अनेक पहलुओं को दुनिया के सामने पेश करने वाले श्री राय के परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, पुत्र नितिन और तीन पुत्रियां लगन, अवनि और पूर्वाई हैं। उनका अंतिम संस्कार आज शाम चार बजे लोधी रोड श्मशान घाट में किया जाएगा।श्री राय ने भोपाल गैस त्रासदी जैसी ऐतिहासिक घटना को अपने कैमरे के जरिए कैद किया था। उन्होंने पीड़ितों की, जो तस्वीरें क्लिक की थीं, उसने पूरी दुनिया का ध्यान इस हादसे की भयावहता की ओर खींचा था।
श्री राय ने अपने कैमरे से 20वीं सदी की कई प्रभावशाली हस्तियों के जीवन के अनमोल क्षण भी कैद किये। श्रीमती इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा जैसे व्यक्तित्वों की उनकी तस्वीरें आज भी ऐतिहासिक दस्तावेज मानी जाती हैं। मदर टेरेसा के जीवन पर उनकी पुस्तक सेंट मदर विशेष रूप से चर्चित रही।अविभाजित पंजाब (अब पाकिस्तान) के झंग में जन्मे श्री रघु राय ने ‘द स्टेट्समैन’ से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फोटो जर्नलिज्म को नयी पहचान दिलायी।उनकी तस्वीरें टाइम्स, लाइफ, द न्यूयार्क टाइम्स और न्यूजवीक जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में प्रकाशित हुईं। युद्ध, चुनाव, आपदाएं, सड़क जीवन और आध्यात्मिकता हर विषय पर उनकी दृष्टि ने दुनिया को भारत का एक संवेदनशील और गहरा चित्र दिखाया।
रघु राय को उनके कैमरे के साथ दी गई अंतिम विदाई
भारतीय फोटोग्राफी को नयी ऊंचाई देने वाले प्रख्यात फोटोग्राफर रघु राय को उनके कैमरे के साथ लोदी रोड़ श्मशान घाट में रविवार को अंतिम विदाई दी गयी।श्री राय को अंतिम विदाई देने के लिए परिवार एवं रिश्तेदारों समेत सैकड़ों की संख्या में उनके प्रशंसक पहुंचे थे।
परिजनों एवं प्रशंसकों द्वारा अंतिम दर्शन और फूल अर्पित किये जाने के बाद पुत्र नितिन राय ने उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।श्री राय का आज सुबह ही दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वह 83 साल के थे। उनके पुत्र नितिन राय ने बताया कि श्री राय को दो साल पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिलने लगी थी। फिर कैंसर पेट तक फैल गया, जो ठीक हो गया था, लेकिन हाल ही में कैंसर उनके मस्तिष्क तक पहुंच गया था और उन्हें उम्र संबंधी अन्य तकलीफें भी होने लगी थीं।कैमरे की नजर से भारत के विविध रंगों और जीवन के अनेक पहलुओं को दुनिया के सामने पेश करने वाले श्री राय के परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, पुत्र नितिन और तीन पुत्रियां लगन, अवनि और पूर्वाई हैं।
श्री राय ने भोपाल गैस त्रासदी जैसी ऐतिहासिक घटना को अपने कैमरे के जरिए कैद किया था। उन्होंने पीड़ितों की, जो तस्वीरें खिंची थीं, उसने पूरी दुनिया का ध्यान इस हादसे की भयावहता की ओर खींचा था।इस महान फोटोग्राफर ने अपने कैमरे से 20वीं सदी की कई प्रभावशाली हस्तियों के जीवन के अनमोल क्षण भी कैद किये। श्रीमती इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा जैसे व्यक्तित्वों की उनकी तस्वीरें आज भी ऐतिहासिक दस्तावेज मानी जाती हैं। मदर टेरेसा के जीवन पर उनकी पुस्तक सेंट मदर विशेष रूप से चर्चित रही।अविभाजित पंजाब (अब पाकिस्तान) के झंग में जन्मे श्री रघु राय ने ‘द स्टेट्समैन’ से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फोटो जर्नलिज्म को नयी पहचान दिलायी।
मोदी ने प्रख्यात फोटोग्राफर रघु राय को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विख्यात फोटोग्राफर रघु राय के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक ऐसा रचनात्मक दिग्गज बताया, जिन्होंने अपने लेंस के जरिए भारत की जीवंतता को दुनिया के सामने पेश किया।श्री मोदी ने रविवार को अपनी शोक संवेदना में कहा, “श्री रघु राय जी को एक ऐसे रचनात्मक स्तंभ के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने अपनी दृष्टि से भारत के सतरंगी रंगों को कैमरे में कैद किया। उनकी फोटोग्राफी में अद्भुत संवेदनशीलता, गहराई और विविधता थी, जिसने लोगों को भारतीय जीवन के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराया।”(वार्ता)
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