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PM मोदी से मिली विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम, BCCI ने 51 करोड़ दिए

आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय महिला टीम ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सात लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित सम्मान समारोह में कप्तान हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, जेमिमा रॉड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, शेफाली वर्मा, स्नेह राणा और अन्य खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत भारत की बेटियों की नई पहचान है। बीसीसीआई ने विजेता टीम को 51 करोड़ रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से बेटियों को फिट इंडिया अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।

नई दिल्ली। आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर विश्व चैंपियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आधिकारिक आवास सात लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनसे उनके अनुभव साझा करने को कहा।

भारतीय टीम इस अवसर पर अपनी ऑफिशियल फॉर्मल ड्रेस में पहुंची – बीसीसीआई के लोगो वाले नेवी-ब्लू ब्लेज़र और क्रीम ट्राउज़र में सभी खिलाड़ी बेहद आत्मविश्वासी और आकर्षक नजर आ रही थीं। टीम के साथ बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास और कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे। सेमीफाइनल में चोटिल होने के कारण सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल व्हीलचेयर पर पहुंचीं, लेकिन उनकी मुस्कान टीम के जज्बे को बयान कर रही थी।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि जब क्रिकेट में भारत अच्छा करता है तो पूरा देश प्रसन्न होता है और जब थोड़ी सी निराशा होती है तो देश भी बेचैन हो उठता है। उन्होंने खिलाड़ियों से उनकी यात्रा और संघर्ष के बारे में पूछा।

टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, “मुझे याद है 2017 में हम आपसे मिले थे, उस वक्त हम फाइनल हारकर आए थे, लेकिन आपने हमें बहुत मोटिवेट किया था। आज जब हम जीतकर आए हैं तो ये पल हमारे लिए गर्व की बात है। यह हमारे वर्षों की मेहनत का परिणाम है और आपने हमारी खुशी को दोगुना कर दिया है।”

कोच अमोल मजूमदार ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, “सर, इन बेटियों ने कमाल कर दिया। पिछले दो साल से लगातार मेहनत की है, हर प्रैक्टिस सेशन में वही ऊर्जा और जोश दिखाया। आज उनकी मेहनत रंग लाई है।”

प्रधानमंत्री ने स्मृति मंधाना से भी उनके अनुभव पूछे। स्मृति ने कहा, “2017 में जब हम आए थे, तब ट्रॉफी नहीं थी, लेकिन आपने हमसे कहा था कि अपेक्षाओं को धैर्य से संभालो। वह बात आज भी हमारे साथ है। सात साल लगे, कई बार हार का सामना किया, लेकिन आखिरकार यह डेस्टिनी थी कि भारत में ही पहला महिला विश्व कप जीता जाए। आपने हमेशा हमें प्रेरित किया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह टीम की बातें सुनना चाहते हैं क्योंकि उनके अनुभव ही देश के लिए प्रेरणा हैं। इस पर स्मृति ने कहा, “इस अभियान की सबसे खास बात यह थी कि किसी एक की सफलता नहीं थी, हर खिलाड़ी का योगदान समान था।”

जेमिमा रॉड्रिग्स ने कहा, “टीम की असली पहचान यह नहीं कि कितनी बार जीतते हैं, बल्कि यह कि हार के बाद कितनी मजबूती से उठते हैं। इस टीम ने वह कर दिखाया। जब कोई अच्छा खेलता था, तो पूरी टीम खुश होती थी और जब कोई असफल होता था, तो साथी उसके कंधे पर हाथ रखकर कहता था कि कोई बात नहीं, अगली बार तुम जरूर करोगी। यही भावना हमें चैंपियन बनाती है।”

स्नेह राणा ने कहा, “हमने तय किया था कि जीत में तो सभी साथ होते हैं, लेकिन असफलता में भी साथ देना जरूरी है। यही टीम की असली ताकत बनी।”

क्रांति गौड़ ने मुस्कराते हुए कहा, “हरमन दी हमेशा कहती हैं कि सब हंसते रहो। जब कोई थोड़ा नर्वस होता था, तो बाकी लोग उसे हंसाते थे। यही हमारी एकजुटता का राज था।” इस पर प्रधानमंत्री ने पूछा, “टीम में हंसाने वाला कौन है?” खिलाड़ियों ने कहा, “जेमी दी है।” हरलीन कौर देओल ने जवाब दिया, “सर, मैं कोशिश करती हूं कि माहौल हल्का रहे। सब खुश रहें तो मुझे भी अच्छा लगता है।”

प्रधानमंत्री ने मुस्कराते हुए पूछा, “यहां आकर भी कुछ किया होगा ना?” हरलीन ने हंसते हुए कहा, “सर, थोड़ी आवाज ज्यादा हुई तो टीम ने डांट दिया।” उन्होंने मज़ाक में प्रधानमंत्री से पूछा, “सर, आपकी स्किन केयर रूटीन क्या है? आप हमेशा ग्लो करते हैं।” प्रधानमंत्री ने हंसते हुए जवाब दिया कि “इस विषय पर मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।” इस पर खिलाड़ियों ने कहा, “सर, यह करोड़ों देशवासियों का प्यार है जो आप पर झलकता है।”

प्रधानमंत्री ने दीप्ति शर्मा से उनके हाथ पर बने हनुमान जी के टैटू के बारे में पूछा। दीप्ति ने कहा, “सर, जब भी मुश्किलें आती हैं, मैं हनुमान जी का नाम लेती हूं। वह मेरा आत्मविश्वास हैं। आपने 2017 में कहा था कि फेलियर से उठना सीखो, वह बात हमेशा मुझे प्रेरित करती है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “श्रद्धा जीवन में बहुत ताकत देती है। जब हम खुद को किसी उच्च शक्ति को समर्पित करते हैं, तो मन शांत रहता है।”

प्रधानमंत्री ने हरमनप्रीत से पूछा कि फाइनल के बाद जब उन्होंने गेंद अपनी जेब में रखी, तो क्या कारण था? हरमनप्रीत ने कहा, “सर, यह भगवान की योजना थी। वह कैच मेरे पास आया, जैसे पूरे वर्षों की मेहनत उसी पल में समा गई। मैंने सोचा, यह बॉल अब मेरे पास ही रहेगी। आज भी वह मेरे बैग में है।”

प्रधानमंत्री ने शेफाली वर्मा से कहा, “आप रोहतक से हैं, वहां तो पहलवान पैदा होते हैं। आप क्रिकेट में कैसे आ गईं?” शेफाली ने हंसते हुए कहा, “सर, मेरे पापा क्रिकेटर बनना चाहते थे, नहीं बन पाए तो उन्होंने अपनी छवि मुझमें देखी। बचपन से हम भाई के साथ खेलते थे और क्रिकेट ही जीवन बन गया।” प्रधानमंत्री ने पूछा, “कैच होने से पहले ही आप हंस क्यों रही थीं?” शेफाली ने जवाब दिया, “सर, मैं मन में बोल रही थी कि कैच मेरे पास ही आए, और जब आया तो बस हंसी आ गई।”

जेमिमा ने बताया कि सेमीफाइनल में टीम की भावना यही थी कि चाहे कुछ भी हो, जीत टीम की होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मेरी सेंचुरी से ज्यादा अहम था हैरी दी और दीप्ति का सहयोग। सभी ने भरोसा रखा और जीत वही दिलाई।”

क्रांति गौड़ ने कहा, “जब मैं मैन ऑफ द मैच बनी, तो मेरे गांव में खुशी का माहौल था। मेरे बड़े भाई को क्रिकेट बहुत पसंद था, लेकिन आर्थिक कारणों से वह नहीं खेल पाए। मैंने उनकी जगह मैदान में उतरकर सपना पूरा किया।”

प्रतीका रावल ने कहा, “जब मैं चोटिल हुई, तो टीम ने कहा कि यह विश्व कप मेरे लिए जीतेगी। उस वक्त मुझे लगा कि यह टीम परिवार जैसी है। जब हर खिलाड़ी को समान सम्मान मिलता है, तो टीम अजेय हो जाती है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “टीम स्पिरिट सिर्फ मैदान में नहीं, बल्कि जीवन में भी जरूरी है। जब सभी एक-दूसरे की कमजोरी ढकते हैं और ताकत को बढ़ाते हैं, तभी जीत संभव होती है।”

अमनजोत कौर ने अपने प्रसिद्ध कैच की चर्चा पर कहा, “सर, इतने कैच पकड़े हैं पर यह सबसे खास रहा। जब गेंद मेरे पास आई, तो ऐसा लगा जैसे ट्रॉफी दिख रही है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “वह कैच तो मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया।”

रिचा घोष ने कहा, “टीम ने हमेशा मुझ पर भरोसा किया। चाहे रन कम हों या गेंदें, सभी कहते थे तू कर सकती है। वही भरोसा मुझे आत्मविश्वास देता है।”

राधा यादव ने कहा, “हम तीन मैच हारे, लेकिन हार में भी हम एक साथ रहे। यही हमारी असली जीत थी। मैंने पहली इनामी राशि से अपने पिता की मदद की थी। मेरे माता-पिता ने हमेशा समर्थन दिया।”

उमा क्षेत्री ने कहा, “सर, मेरा डेब्यू मैच वर्ल्ड कप में हुआ। बारिश हो गई लेकिन भारत के लिए खेलना गर्व का पल था। सभी साथियों ने मुझ पर भरोसा दिखाया। मैं नॉर्थ-ईस्ट की पहली खिलाड़ी हूं जिसने भारत के लिए खेला।”

प्रधानमंत्री ने रेणुका सिंह ठाकुर से कहा, “आपकी माताजी को मेरा प्रणाम। उन्होंने कठिन जीवन में भी आपको आगे बढ़ाया। यह प्रेरणादायक है।” रेणुका ने कहा, “जी सर, मम्मी को आपका संदेश जरूर दूंगी।”

अरुंधती रेड्डी ने कहा, “मेरी मां ने कहा था कि आप उनके हीरो हैं। आज उनसे मिलना उनके लिए सपना साकार होने जैसा है।”

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा, “आप अब केवल क्रिकेटर नहीं, देश की प्रेरक शक्ति हैं। अपने स्कूलों में जाकर बच्चों से मिलिए, उन्हें फिट इंडिया मूवमेंट के लिए प्रेरित कीजिए। आपकी बातें करोड़ों लोगों को प्रेरणा देंगी।”

स्मृति मंधाना ने कहा, “हम आपके सुझाव को ज़रूर याद रखेंगे। जब भी मौका मिलेगा, हम बच्चों से मिलेंगे और बेटियों को प्रेरित करेंगे।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “आपकी सफलता भारत की बेटियों के आत्मविश्वास का प्रतीक है। हम सबको मिलकर देश को आगे बढ़ाना है।”

बीसीसीआई ने विजेता टीम को 51 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर टीम की सराहना करते हुए लिखा था कि यह ऐतिहासिक जीत भारत की बेटियों को नई प्रेरणा देगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों में भाग लेने के लिए उत्साहित करेगी।

यह मुलाकात केवल सम्मान समारोह नहीं थी, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के संघर्ष, संकल्प और एकजुटता का उत्सव थी। प्रधानमंत्री और खिलाड़ियों के बीच यह संवाद आने वाले वर्षों में भारतीय खेल जगत में नई प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने आज (6 नवंबर, 2025) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति  ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रत्येक सदस्य को बधाई दी और कहा कि उन्होंने क्रिकेट विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया है। देश और विदेश के हर कोने में लाखों भारतीय इस जीत का जश्न मना रहे हैं।श्रीमती मुर्मु ने कहा कि यह टीम भारत का प्रतिबिंब है। वे विभिन्न क्षेत्रों, विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों और विभिन्न परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन वे एक टीम हैं – भारत। यह टीम अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में भारत को दिखाती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि टीम ने सात बार की विश्व विजेता और उस समय तक अपराजित रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराकर अपनी क्षमता में सभी भारतीयों के विश्वास को मज़बूत किया। एक कड़े मुकाबले में एक मज़बूत टीम के ख़िलाफ़ बड़े अंतर से फ़ाइनल मैच जीतना टीम इंडिया की उत्कृष्टता का एक यादगार उदाहरण है। राष्ट्रपति  ने कहा कि वे रोल मॉडल बन गई हैं। युवा पीढ़ी, खासकर लड़कियाँ, जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिन गुणों के बल पर उन्होंने इतिहास रचा है, उन्हीं गुणों के साथ वे भविष्य में भी भारतीय क्रिकेट को शीर्ष पर बनाए रखेंगी।

श्रीमती मुर्मु ने कहा कि टीम के सदस्यों ने आशा और निराशा के उतार-चढ़ाव का अनुभव किया होगा। कभी-कभी उन्‍हें नींद भी नहीं आई होगी। लेकिन उन्होंने सभी चुनौतियों पर काबू पाया है। उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड पर जीत के बाद लोगों को दृढ़ विश्वास हो गया था कि मैच में उतार-चढ़ाव के बावजूद हमारी बेटियाँ ही जीत हासिल करेंगी।

श्रीमती मुर्मु रेखांकित किया कि उनकी इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, उत्कृष्ट खेल कौशल, दृढ़ संकल्प और उनके परिवारों तथा क्रिकेट प्रेमियों का प्यार और आशीर्वाद रहा है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट जैसे टीम गेम में टीम के सभी सदस्यों को हर समय पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहना होता है। उन्होंने मुख्य कोच, बॉलिंग कोच, फील्डिंग कोच और सर्पोट स्टाफ- सभी की सराहना की। उन्होंने कामना की कि वे अपने प्रदर्शन से टीम इंडिया के लिए सफलता के नए रिकॉर्ड बनाना जारी रखेंगी।

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