सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के मॉडल के रूप में उभरा है यूपी : योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था में हुए सुधारों की दी जानकारी.1947 से 2017 तक का उत्तर प्रदेश असुरक्षा और उच्च अपराध दर से जूझता रहा, न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी :मुख्यमंत्री.संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया गया, गैंगस्टर एक्ट के तहत 144.31 अरब रुपये की संपत्ति की गई जब्त : योगी आदित्यनाथ .बीते साढ़े आठ साल में यूपी में भयमुक्त माहौल, निवेश अनुकूल और समाज महसूस कर रहा सुरक्षित : सीएम योगी .
- पीएसी को भी साम्प्रदायिक मानती थी सपा सरकार : योगी आदित्यनाथ
- पिछले साढ़े आठ वर्षों में 2.19 लाख से अधिक नई पुलिस भर्तियां की गईं : योगी आदित्यनाथ
- तीन वीरांगनाओं के नाम पर किया गया महिला पीएसी बटालियनों का गठन : सीएम योगी
- मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का किया उल्लेख
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन को संबोधित करते हुए अपने साढ़े आठ साल के कार्यकाल (2017-2025) की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि 1947 से 2017 तक का उत्तर प्रदेश असुरक्षा और उच्च अपराध दर से जूझता रहा, जहां बेटियां और व्यापारी सभी असुरक्षित थे। इसके विपरीत, 2017 के बाद उनकी सरकार ने प्रदेश को भयमुक्त, निवेश-अनुकूल और समाज को सुरक्षित बनाने में सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश अब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के मॉडल के रूप में उभरा है, जो निवेशकों और नागरिकों के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करता है।
20-20 साल से रुका था पुलिसकर्मियों का प्रमोशन
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में 2.19 लाख से अधिक नई पुलिस भर्तियां की गईं, जबकि 1.53 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रोन्नति दी गई। उन्होंने कहा कि इससे पहले 20 वर्षों तक पुलिसकर्मियों को प्रोन्नति का अवसर नहीं मिला था। इसके अलावा, 54 पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) कंपनियों को पहले समाप्त कर दिया गया था, जिन्हें विपक्षी दलों ने साम्प्रदायिकता के चश्मे से देखा। योगी सरकार ने इन इकाइयों को फिर से गठित कर दिया और पुलिस बल को और सशक्त बनाया।
तीन नई महिला पुलिस बटालियनों का किया गया गठन
महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, योगी सरकार ने तीन महिला पुलिस बटालियनों का गठन किया है। इन बटालियनों का नाम वीरांगना उदा देवी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंतिबाई के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बटालियनों के गठन से न केवल महिला पुलिसकर्मियों को सशक्त किया गया है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिली है। यह कदम महिलाओं की सुरक्षा और उनके प्रति समाज में सम्मान बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत दोषी ठहराये गये 1 लाख से ज्यादा अभियुक्त
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1,04,718 अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया, जिनमें 70 को मृत्युदंड, 8,785 को आजीवन कारावास, 1,583 को 20 वर्ष से अधिक की सजा, 5,303 को 10 से 19 वर्ष की सजा, और 80,944 को 5 वर्ष से कम की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही गैंगस्टर एक्ट के तहत 144.31 अरब रुपये की संपत्ति जब्त की गई, जिससे संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया गया।
अपराध दर में आई उल्लेखनीय कमी
मुख्यमंत्री ने 2016 की तुलना में 15 जुलाई 2025 तक अपराध दर में कमी के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि डकैती में 94 प्रतिशत, लूट में 82 प्रतिशत, हत्या में 47 प्रतिशत, फिरौती हेतु अपहरण में 50 फीसदी, दहेज हत्या में 16 फीसदी और बलात्कार के मामलों में 50 फीसदी की कमी आई है। यह कमी उनकी सरकार की कठोर नीतियों और प्रभावी पुलिस कार्रवाई का परिणाम है। इसके अलावा, विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की संख्या 4 से बढ़कर 12 हो गई है और 6 नई प्रयोगशालाएं निर्माणाधीन हैं, जो अपराधों की जांच में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रही हैं।
उत्तर प्रदेश को मिली है नई पहचान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन उनकी सरकार ने इसे नई पहचान दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उनके विजन को धरातल पर उतारने का श्रेय दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करते हुए तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने कभी भेदभाव नहीं किया और “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के साथ बुलेट ट्रेन की गति से विकास की राह पर आगे बढ़ रही है।



