
लंदन/नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते का पूरा फायदा उठाते हुए आने वाले वर्षों में आर्थिक सहयोग प्रगाढ बनाने के लिए छोटे और बड़े व्यवसायों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।श्री मोदी और श्री स्टार्मर ने गुरूवार को यहां ऐतिहासिक भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर के बाद भारत और ब्रिटेन के उद्योगपतियों से मुलाकात की। बैठक में स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और आभूषण, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, विनिर्माण, दूरसंचार, प्रौद्योगिकी, आईटी, लॉजिस्टिक्स, कपड़ा और वित्तीय सेवा क्षेत्रों के दोनों पक्षों के प्रमुख उद्योग प्रमुख उपस्थित थे। ये क्षेत्र दोनों देशों में रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों में विस्तार का उल्लेख किया।
व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें व्यापार, निवेश और नवाचार साझेदारी को गहरा करने के लिए सीईटीए से उत्पन्न अवसरों की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए प्रोत्साहित किया। बढते द्विपक्षीय सहयोग के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि नया समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में व्यावसायिक भावना को बढ़ावा देगा।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने नए समझौते की क्षमता का दोहन करने और आने वाले वर्षों में आर्थिक सहयोग को प्रगाढ बनाने के लिए छोटे और बड़े व्यवसायों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।भारत-ब्रिटेन के व्यापारिक नेताओं ने ऐतिहासिक व्यापार समझौते की सराहना की और आशा व्यक्त की कि यह व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक नए युग की शुरुआत करेगा और न केवल व्यापार और अर्थव्यवस्था में, बल्कि उभरती प्रौद्योगिकियों, शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी सहयोग को प्रगाढ बनायेगा।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड बर्दाश्त नहीं: भारत-ब्रिटेन
भारत और ब्रिटेन ने जोर देकर कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं है और उग्रवादी विचारधारा वाली शक्तियों को लोकतांत्रिक आजादी का दुरूपयोग नहीं करने दिया जायेगा।ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को लंदन में अपने समकक्ष कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रेस वक्तव्य में कहा कि लोकतांत्रिक आजादी का दुरूपयोग कर लोकतंत्र को ही कमजोर करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
श्री मोदी ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए ब्रिटेन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा ,“हम एकमत हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों का कोई स्थान नहीं है। हम इस बात पर भी सहमत हैं कि उग्रवादी विचारधारा वाली शक्तियों को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करने दिया जा सकता। लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरूपयोग कर लोकतंत्र को ही कमजोर करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ”दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों की अर्थव्यवस्थाओं को इससे बड़ा लाभ होगा।
उन्होंने कहा,“ आज हमारे संबंधों में एक एतिहासिक दिन है। मुझे प्रसन्नता है कि कई वर्षों की मेहनत के बाद आज दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता संपन्न हुआ है। भारतीय टेक्सटाइल्स, फुटवियर, आभूषणों , समुद्री खाद्य उत्पादों और इंजीनियरिंग उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। भारत के ऐग्रिकल्चर उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड उद्योग के लिए ब्रिटिश मार्किट में नए अवसर बनेंगे। ”प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता देश के युवाओं और लघु , सूक्ष्म और मझोले उद्योंगो के लिए खास तौर पर फायदेमंद रहेगा। उन्होंने कहा, “ भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई सेक्टर के लिए यह समझौता विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा।
वहीं दूसरी ओर भारत के लोगों और इंडस्ट्री के लिए ब्रिटेन में बने उत्पाद जैसे मेडिकल डिवाइसेज़ और एयरोस्पेस कलपुर्जे सुलभ और किफायती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे”श्री मोदी ने कहा कि दोनों देश व्यापक सामरिक साझेदारी को नयी दिशा देने के लिए विजन 2035 पर भी बात करेंगे। उन्होंने कहा,“ अगले दशक में हमारी व्यापक सामरिक साझेदारी को नयी गति और ऊर्जा देने के लिए आज हम विजन 2035 पर भी बात करेंगे। यह टेक्नोलॉजी, डिफेंस, क्लाइमेट, एजुकेशन और पीपल-टू-पीपल कनेक्ट के क्षेत्रों में एक मजबूत, भरोसेमंद और महत्वाकांक्षी साझेदारी का रोडमैप होगा। ”विभिन्न देशों के बीच चल रहे संघर्ष और टकरावों पर उन्होंने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा, “ इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता, यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर हम विचार साझा करते रहे हैं। सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान अनिवार्य है। आज के युग की मांग, विस्तारवाद नहीं, विकासवाद है।”प्रधानमंत्री ने पिछले महीने अहमदाबाद में हवाई दुर्घटना में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों के परिजनों के प्रति संवेदना भी प्रकट की।श्री मोदी ने क्रिकेट को दोनों देशों के बीच साझेदारी का शानदार उदाहरण बताते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन उच्च स्कोर वाली साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा,“ हम दोनों के लिए क्रिकेट सिर्फ़ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है। और साथ ही यह हमारी साझेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण भी है। कभी-कभी स्विंग और चूक हो सकती है, लेकिन हम हमेशा सीधे बल्ले से खेलते हैं! हम एक मज़बूत और उच्च स्कोर वाली साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
लंदन में प्रवासी भारतीयों के स्वागत से मोदी अभिभूत, स्टार्मर के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो देशों की चार दिन की यात्रा के पहले चरण में बुधवार देर रात ब्रिटेन की राजधानी लंदन पहुंच गये जहां भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।श्री मोदी गुरुवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर के साथ विभिन्न विषयों पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं की मौजूदगी में भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने की भी पूरी तैयारी है।
लंदन में प्रवासी भारतीयों द्वारा स्वागत किये जाने के बाद श्री मोदी ने कहा कि इस आत्मीय स्वागत से वह अभिभूत हैं।प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा , “ ब्रिटेन में भारतीय समुदाय द्वारा गर्मजोशी भरे स्वागत से अभिभूत हूँ। भारत की प्रगति के प्रति उनका स्नेह और जुनून सचमुच उत्साहजनक है।”इससे पहले श्री मोदी ने लंदन में हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद कहा , “ लंदन पहुँच गया हूँ। यह यात्रा हमारे देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य हमारे लोगों की समृद्धि, विकास और रोज़गार सृजन को बढ़ावा देना होगा। वैश्विक प्रगति के लिए भारत-ब्रिटिश मैत्री एक मज़बूत मित्रता आवश्यक है।”ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद श्री मोदी का शाम को ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय से भी मिलने का कार्यक्रम है।इसके बाद शाम को ही वह अपनी यात्रा के दूसरे और अंतिम चरण में मालदीव के लिए रवाना हो जायेंगे।(वार्ता)
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