मोदी ने जी7 सम्मेलन से इतर पोप से की मुलाकात, गर्मजोशी से गले मिले
मोदी ने मेलोनी और किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक की.मोदी ने बाइडेन सहित दुनिया के विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों से की मुलाकात.मोदी ने यूक्रेन को बातचीत और कूटनीति का रास्ता अख्तियार करने की दी सलाह.
अपुलिया (इटली) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इटली में जी7 से इतर पोप फ्रांसिस से मुलाकात की और इस दौरान वे पोप के साथ गर्मजोशी से गले मिले तथा पोप फ्रांसिस को भारत आने का न्योता भी दिया।श्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर पोप फ्रांसिस से मुलाकात की। मैं लोगों की सेवा करने और हमारे ग्रह को बेहतर बनाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता हूं। साथ ही उन्हें भारत आने का न्योता भी दिया।
”गौरतलब है कि पोप स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण व्हीलचेयर का उपयोग कर रहे हैं।प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोप से मुलाकात के दौरान की कुछ तस्वीरें साझा की है, जिसमें पोप मुस्कुराते हुए श्री मोदी का अभिवादन कर रहे हैं और भारतीय प्रधानमंत्री से गले मिलने के लिए अपनी बाहें आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। इसके बाद दोनों ने गर्मजोशी से गले मिले।श्री मोदी की पोप से यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले श्री मोदी ने अक्टूबर 2021 में वेटिकन के अपोस्टोलिक पैलेस में एक निजी कार्यक्रम के दौरान पोप फ्रांसिस से मुलाकात की थी।
मोदी ने मेलोनी और किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक की तथा जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ से भी मुलाकात की।सुश्री मेलोनी के साथ अपनी बैठक के बारे में श्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। जी-7 शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनने के लिए भारत को आमंत्रित करने और शानदार व्यवस्थाओं के लिए उनका धन्यवाद किया। हमने वाणिज्य, ऊर्जा, रक्षा, दूरसंचार तथा अन्य क्षेत्रों में भारत-इटली संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों देश जैव ईंधन, खाद्य प्रसंस्करण और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे भविष्य के क्षेत्रों में एक साथ काम करेंगे।

”विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सुश्री मेलोनी ने श्री मोदी को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी। श्री मोदी ने जी-7 आउटरीच शिखर सम्मेलन में भाग लेने के वास्ते निमंत्रण देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और शिखर सम्मेलन के सफल समापन के लिए अपनी प्रशंसा व्यक्त की। दोनों नेताओं ने नियमित उच्च राजनीतिक संवाद पर संतोष व्यक्त किया और भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। बढ़ते व्यापार और आर्थिक सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने लचीली आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा, विनिर्माण, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, एआई और महत्वपूर्ण खनिजों में वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार करने का आह्वान किया।
बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क पर सहयोग के लिए हाल ही में औद्योगिक संपत्ति अधिकार (आईपीआर) पर एमओयू पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। उन्होंने इस साल के अंत में इतालवी विमानवाहक पोत आईटीएस कैवूर और प्रशिक्षण जहाज आईटीएस वेस्पुची की भारत यात्रा का स्वागत किया। श्री मोदी ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इटली के अभियान में भारतीय सेना के योगदान को मान्यता देने के लिए इतालवी सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि भारत इटली के मोंटोन में यशवंत घाडगे स्मारक का उन्नयन करेगा।
बयान में कहा गया कि ‘वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन’ के तहत समन्वय को ध्यान में रखते हुए दोनों नेताओं ने ऊर्जा संक्रमण में सहयोग के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया, जो स्वच्छ और हरित ऊर्जा में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देगा। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में संयुक्त अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए 2025-27 के लिए सहयोग के नये कार्यक्रम पर प्रसन्नता व्यक्त की। बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे सहित वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय पहलों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
जापानी प्रधानमंत्री किशिदा के साथ बैठक पर श्री मोदी ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा , “इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री किशिदा से मिलकर खुशी हुई। भारत और जापान के बीच मजबूत संबंध शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत के लिए महत्वपूर्ण हैं। दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। हम बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक संबंधों में भी संबंधों को आगे बढ़ाना चाहते हैं।”श्री मोदी ने लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण करने पर दी गई बधाई के लिए श्री किशिदा को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि जापान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को उनके तीसरे कार्यकाल में प्राथमिकता मिलती रहेगी। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी अपने 10वें वर्ष में है और उन्होंने संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि भारत और जापान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं, जिसमें ऐतिहासिक मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना शामिल है, जो भारत में गतिशीलता के अगले चरण की शुरुआत करेगी।जर्मन चांसलर के साथ अपनी संक्षिप्त बैठक के संबंध में श्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा , “चांसलर स्कोल्ज़ के साथ आज की बातचीत बहुत ही सकारात्मक रही। भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं जो समावेशी और टिकाऊ है।
मोदी ने बाइडेन सहित दुनिया के विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जी 7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से मुलाकात की।श्री मोदी ने एक्स पर कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो के साथ गर्मजोशी से बात करते हुए अपनी एक तस्वीर पोस्ट की और लिखा, “जी 7 शिखर सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की।
“वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के साथ अपनी बैठक को उन्होंने पोस्ट किया, “अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मिलना हमेशा खुशी की बात होती है। भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।”संरा महासचिव के साथ अपनी बैठक के बारे में उन्होंने पोस्ट किया, “इटली में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मिलकर प्रसन्नता हुई।” उन्होंने एक्स पर ब्राजील के राष्ट्रपति, यूएई के राष्ट्रपति और तुर्की के राष्ट्रपति के साथ एक समूह में बातचीत की तस्वीरें भी पोस्ट की है और लिखा, “इटली में बातचीत जारी है…राष्ट्रपति लूला, राष्ट्रपति एदोर्गन और महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ सुखद बातचीत।” उन्होंने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान किंग अब्दुल्ला II से मुलाकात की। भारत जॉर्डन के साथ मजबूत संबंधों को महत्व देता है।”
मोदी ने यूक्रेन को बातचीत और कूटनीति का रास्ता अख्तियार करने की दी सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन को सलाह दी कि वह रूस के साथ शांति स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाये।यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर श्री मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर ज़ेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान यह सलाह दोहरायी।श्री मोदी ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रपति श्री ज़ेलेंस्की के साथ बहुत सार्थक बैठक हुई। भारत, यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है। जारी शत्रुता के संबंध में दोहराया कि भारत मानव-केंद्रित दृष्टिकोण में विश्वास करता है और मानता है कि शांति का रास्ता बातचीत और कूटनीति के माध्यम से है।
“श्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से भी मुलाकात की और भारत तथा ब्रिटेन के बीच रक्षा संबंध और मजबूत करने पर विचार विमर्श किया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने श्री मोदी को लोकसभा चुनावों में पुनः जीत हासिल करने के लिए बधाई दी।श्री मोदी ने ‘एक्स’पर लिखा, “इटली में प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मिलना सुखद रहा। मैंने राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सेमीकंडक्टर, प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में संबंधों को गहरा करने की काफी गुंजाइश है। हमने रक्षा क्षेत्र में संबंधों को और मजबूत करने पर भी बात की।”इससे पहले श्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की ।(वार्ता)



