Varanasi

वाराणसी में इस साल तीन गुना ज्यादा जोड़ों ने सामूहिक विवाह योजना के जरिए बसाया घर

  • गरीब बेटियों के हाथ पीले करा रही योगी सरकार, उठा रही विवाह का पूरा खर्च
  • 2022-23 में पिछले साल के मुकाबले लगभग तीन गुना जोड़ो की शादियां कराई गई
  • लाभार्थियों पर व्यय धनराशि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष लगभग चार गुना अधिक हुई

वाराणसी । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ती जा रही है। सरकार हर साल नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। वराणसी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में योगी सरकार 2022-23 में पिछले साल के मुकाबले लगभग तीन गुना जोड़ो की शादियां करवाई है। इसमें अल्पसंख्यक जोड़ों की तादाद लगभग 8 गुना बढ़ी है। योगी सरकार सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए गरीब परिवारों के विवाह की जिम्मेदारी उठा रही है।

अल्पसंख्यक जोड़ो की निकाह की संख्या 8 गुना बढ़ी

वाराणसी के जिला समाज कल्याण अधिकारी जीआर प्रजापति ने बताया कि सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के तहत गरीब परिवारों का रुझान बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2021 -22 महज 535 जोड़ो ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भाग लिया था, जबकि वित्तीय 2022 -23 में 1794 जोड़ो ने शादी की है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अल्प संख्यक समुदाय भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। वित्तीय वर्ष 2021 -22 में 18 व वित्तीय 2022 -23 में अल्पसंख्यक समुदाय के 154 जोड़ो का निकाह हुआ है। सरकार प्रत्येक जोड़ो को आर्थिक मदद भी करती है। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021 -22 में 257.70 लाख रूपये और वित्तीय 2022 -23 में 895.85 रुपये व्यय किये है। जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग चार गुना अधिक है।

क्या है, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता है। इस सामूहिक विवाह के आयोजन में विवाह करने वाले प्रत्येक जोड़े पर 51000 खर्च किए जाते हैं। जिसमें 35,000 कन्या के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं और 10,000 की विवाह संस्कार सामग्री वर-वधू को विवाह के समय उपलब्ध करवाई जाती है। 6000 अन्य व्यवस्थाओं में खर्च होते हैं। उत्तर प्रदेश द्वारा इस योजना के अंतर्गत केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को शामिल किया गया है।

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