
वाराणसी । सारनाथ क्षेत्र के दीनापुर ट्रीटमेंट प्लांट से गंगा से पहुंचने वाले लगभग 11 नालों का शुद्धिकरण होता आ रहा है। इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट पर ठेकेदार मजदूरों व कर्मचारियों को लगाते हैं। लेकिन पिछले 11 माह से ठेकेदारों को भुगतान जल निगम द्वारा नहीं किया गया है। जिस कारण ठेकेदार काम का बहिष्कार कर अधिशासी अभियंता जल निगम यांत्रिक खंड द्वितीय कार्यालय के सामने धरने प्रदर्शन पर बैठ गए। यह धरना प्रदर्शन सुरेश कुमार के नेतृत्व में चल रहा है।
ठेकेदार कार्यालय के सामने धरने पर बैठे ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ जमकर नारे लगाये। ठेकेदार सुरेश कुमार ने कहा कि पिछले 11 महीने से हमारे साथ – साथ एल एंड टी, तोशिबा सलूशन प्राइवेट लिमिटेड, विपटेक कंपनियों का 28 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। लगभग 250 मजदूर पिछले 11 महीने से बिना भुगतान का कार्य कर रहे है। ठेकेदारों को भुगतान न मिलने के कारण धरना स्थल पर चाय बनाकर बेचना पड़ रहा है। सोमवार तक हमारी मांगे पूरी नहीं की गई तो हम लोग बेरोजगारों की तरह चाय और पकोड़ा कार्यालय के सामने बेचेंगे। इतना ही नहीं गंगा में गिरने वाले 11 सीवेज पंप को बंद कर दिया जाएगा। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि जब से अधिशासी अभियंता शहरोज ने कार्यभार संभाला है तबसे भुगतान से संबंधित समस्या आ पड़ी है। तीन दिनों से हम लोग धरनारत हैं लेकिन जल निगम के किसी भी बड़े अधिकारी का यहां नही आये।
वही इस संबंध में सहायक अभियंता सतीश कुमार ने बताया कि ठेकेदारों का भुगतान 28 करोड़ रुपए बकाया है और 11 करोड़ बिजली विभाग का बकाया है। इस संबंध में कई बार पत्राचार उच्च अधिकारियों को किया गया इसके बावजूद अभी तक उच्च अधिकारी कोई भी जवाब नहीं दे पाए, मुख्य सचिव तक इन बातों को पहुंचा दिया गया है। 11 महीने बीतने के उपरांत भी ठेकेदारों व बिजली विभाग का भुगतान विभाग द्वारा नहीं हो पाया। इस दौरान विजय प्रकाश दुबे, प्रभाकर मौर्य,वीरेंद्र मौर्य,आलोक सिंह, जफर,अजय सिन्हा, राजीव पांडे, सुजीत दास,आरपी सिंह, गुंजन सिंह, ऐसी गुप्ता युवराज सहित अन्य मौजूद रहे।



