नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सशस्त्र सेनाओं को जरुरी हथियारों तथा प्रौद्योगिकी से लैस करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं और उन्हें नए तथा उभरते खतरों से निपटने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए।श्री मोदी ने आज भोपाल में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में सुरक्षा स्थिति तथा सशस्त्र सेनाओं की संचालन तैयारियों की समीक्षा के दौरान यह बात कही।
प्रधानमंत्री एक दिन के दौरे पर सुबह भोपाल पहुंचे जहां उन्होंने संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने प्रधानमंत्री को सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा से अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र सेनाओं की भूमिका तथा मित्र देशों में मानवीय सहायता तथा आपदा राहत अभियान चलाने की सराहना की।श्री मोदी ने तीनों सेनाओं से नए और उभरते खतरों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सशस्त्र सेनाओं को जरूरी हथियारों तथा प्रौद्योगिकी से लैस करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।सम्मेलन के अंतिम दिन सशस्त्र सेनाओं में डिजिटलीकरण, साइबर सुरक्षा , सोशल मीडिया की चुनौती और अग्निवीरों की भर्ती तथा सेनाओं में एकीकरण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति तथा संचालन तैयारियों की समीक्षा की थी। उन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने तथा सरकार के आत्म निर्भर भारत के विजन का समर्थन करने के लिए सशस्त्र सेनाओं की सराहना की।
देश की प्रतिभा के कारण रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के रक्षा निर्यात के 16 हजार करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की सराहना करते हुए कहा है कि यह देश की प्रतिभा और ‘मेक इन इंडिया’ के प्रति उत्साह की स्पष्ट अभिव्यक्ति है।श्री मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा रक्षा निर्यात के बारे में घोषणा किए जाने के बाद शनिवार को एक ट्वीट में कहा, “शानदार! भारत की प्रतिभा और ‘मेक इन इंडिया’ के प्रति उत्साह की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति। यह भी दर्शाता है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में किए गए सुधार अच्छे परिणाम दे रहे हैं। हमारी सरकार भारत को रक्षा उत्पादन का एक केन्द्र बनाने के प्रयासों का समर्थन करती रहेगी।”
उल्लेखनीय है कि भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2022.. 23 में 16000 करोड़ रुपए पहुंच गया है जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 3000 करोड़ रुपए अधिक है। वर्ष 2016-17 की तुलना में यह राशि 10 गुना अधिक है।रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारत अब 85 से भी अधिक देशों को रक्षा निर्यात कर रहा है । भारतीय रक्षा उद्योग ने दुनिया को डिजाइन तथा विकास के क्षेत्र में अपनी क्षमता से प्रभावित किया है।(वार्ता)



