
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश प्रथम (पॉक्सो एक्ट) त्रिभुवन नाथ की अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ रेप करने के मामले में गाजीपुर जिला के आमघाट निवासी अभियुक्त नीतिन उर्फ दादा को दस साल के सश्रम कारावास एवं 32 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक आदित्य नारायण सिंह ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अभियुक्त नीतिन अपनी सास की भाभी के घर आता जाता रहता था। इसी दौरान उनकी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। 31 जुलाई 2015 की सुबह से लड़की के गायब होने पर उसके घरवालों ने नीतिन की पत्नी से बात की तो उसके भी घटना की रात से गायब होने की जानकारी मिली। मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी थी इसी दौरान लड़की ने फोनकर अपने घरवालों को बताया कि नीतिन ने झारखंड में लाकर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा है। उसके साथ बलात्कार करने के साथ ही उसके साथ मारपीट करता है। नीतिन उसे बेचने की फिराक में है। नीतिन और अपहृता को लाकर घरवालों ने पुलिस के हवाले कर दिया।



