
- अपहरण वाले दिन ही कर दी हत्या, शव को चुनार पुल से नीचे फेंका
- डिमांड 20 लाख की, सौदा तय हुआ आठ में फिर भी नहीं बची जान
- निजी बीमा कंपनी की एंजेट महिला, उसका पति और साथी समेत पांच गिरफ्तार
वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत साड़ी कारोबारी महमूद आलम की हनी ट्रैप में फंसाकर गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को मीरजापुर चुनार पुल से गंगा में फेंक दिया गया था। वह उसी महिला के बुलावे पर गया था, जिसने उसे ललचाया था, और उसका अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने महमूद आलम से 20 लाख की डिमांड की थी और सौदा आठ लाख में तय हुआ। लेकिन पैसा नहीं मिलता देख अपहरणकर्ताओं ने उसकी हत्या कर दी।
हत्या से पहले रामनगर और बाबतपुर स्थिए एटीएम से 1.90 लाख की निकासी की गयी। हत्या में शामिल पांच लोगों को भेलूपुर पुलिस, एसओजी, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की टीम ने दबोचा। मुख्य अभियुक्तों की पहचान अनुराग पांडेय उर्फ अन्नू, अंजली पांडेय उर्फ दिव्या, प्रवीण कुमार चौहान के तौर पर हुई जबकि दो अन्य की अतुल कुमार और राहुल अग्रहरि के तौर हुई। इन दोनों पर आरोप है कि इनकी दुकान से हत्यारों को कुछ पैसे के लालच में फर्जी आईडी पर सिम उपलब्ध कराया गया था। अभियुक्तों के पास से एटीएम से निकासी के पैसे, एसयूवी वाहन, घड़ी पासपोर्ट, पैन कार्ड, ब्लैंक चेक बरामद हुआ। आगे की कार्रवाई में सभी को जेल भेजा गया।
एडिशनल सीपी अपराध एवं मुख्यालय संतोष कुमार सिंह ने बुधवार को मामले का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने गुनाह कबूल कर बताया कि निजी बैंक का एजेंट बनकर महिला ने कारोबारी को अपने जाल में फंसाया और बीएचयू बुलाया। विश्वनाथ मंदिर के पास से कारोबारी को एसयूवी में बैठाया गया। महिला अंजली पांडेय महमूद आलम के साथ उसके बगल में बैठी। कुछ दूर जाने के बाद अंजली का पति वाहन में सवार हुआ। इसके बाद कारोबारी को कोल्डड्रिंक में शराब मिलाकर पिलायी गयी और झांसे में लेकर शहर के बाहर निकले। उससे 20 लाख की डिमांड की गयी, सौदा आठ लाख में तय हुआ, लेकिन पैसा नहीं मिलता देख उसकी हत्या तीनों ने कर दी। 14 जनवरी को कारोबारी का अपहरण हुआ था, इस मामले में उसके बेटे ने रात दस बजे भेलूपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी थी।



